मैराथन किंग का कमाल….रिटायर्ड सीटीआई जूलियस चाको ने अहमदाबाद में आयोजित अडानी मैराथन में 21 किमी दौड़ में जीता मेडल

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। उम्र तो केवल नंबरों का आंकड़ा है। (AGE IS JUST A NUMBER) इसी ध्येय वाक्य को हर दिन व हर साल सार्थक करने वाले मैराथन किंग रिटायर्ड सीटीआई जूलियस चाको ने एक भी फिर दोहराया है। अहमदाबाद में सैनिकों के लिए हुई अडानी दौड़ (RUN 4 OUR SOLDIERS) में दौड़ते हुए इन्होंने मेडल जीता। बल्कि अपनी मैराथन प्रतिभा के जरिए रतलाम की पहचान देशभर में प्रदर्शित की।
बता दें कि इस इवेंट में हर साल देशभर से लगभग 30 से 40 हजार एथलीट आते है। विभिन्न वर्ग 5, 10, 21 तथा 42 किमी दौड़ आयोजित की जाती है। लेकिन अधिकांश एथलीट 5 व 10 में शामिल होते है। इसमें रिटायर्ड सीटीआई चाको ने भी भाग लिया।
इस इवेंट में मेडल के लिए बहाया पसीना:- एथलीट चाको ने अहमदाबाद में 21 किमी की दौड़ में यह मेडल प्राप्त किया। यह दौड़ इन्होंने 2 घंटे 38 मिनिट में निर्धारित समय से 47 मिनिट पहले ही पूरी कर फिनिशर मेडल प्राप्त किया। जबकि 18 से 30 वर्षीय वर्ग में 21 किमी का निर्धारित समय भी इतना ही है। 65 + का निर्धारित समय 3 घंटे 25 मिनिट है। इन्होंने युवाओं के वर्ग में निर्धारित समय निकालकर सभी को चौकाया।
रतलाम पहुंचे चाको ने बताया कि यह उनका चौथा 21 किमी हाफ मैराथन मेडल है। यह इस साल का तीसरा है। वे बताते है कि रतलाम के किसी भी वर्ग के खिलाड़ी ने यह दौड़ पूरी नहीं की। यह हिंदुस्तान का सबसे लोकप्रिय मैराथन में से एक है।

सीनियर डीसीएम ने हौंसला बढ़ाया:- चाको रेलवे कमर्शियल विभाग में टिकिट चेकिंग तथा डिप्टी एसएस कमर्शियल भी रहे। इसलिए रतलाम में पदस्थ रहे इनके साथी व वर्तमान में भावनगर के सीनियर डीसीएम अतुल त्रिपाठी ने भी अहमदाबाद पहुंचकर हौसला अफजाई किया। चाको ने 21 किमी पूरा किया तो उन्होंने बधाई देकर सम्मान किया।
रतलाम पहुंचने पर पेंशनर एसोसिएशन के गोसर, आरके श्रीवास्तव, डिसीटीआई प्रदीप भटनागर सहित साथियों ने सम्मान किया। उन्होंने साथियों को बताया कि भविष्य कनाडा और यूएसए में भी एक 21 किमी हाफ मैराथन सहित टाटा मैराथन मुंबई दौड़ने का सपना है।

वर्ष 2019 में जुनून सवार हुआ:- चाको ने बताया कि लंबी रेस का जूनून उन्हें 2019 से सवार हुआ। तब से अभी तक 200 से ज्यादा बार 21 किमी और उससे ज्यादा दौड़ चुके है। लेकिन ऑफिसियल तौर पर इंडिया में होने वाली विभिन्न मैराथन में चार बार दौड़ चुके है। इनके नाम सबसे ज्यादा 30 किमी दौड़ का रिकॉर्ड है। लगातार 4 घंटे भी दौड़ चुके है। ये रतलाम में सभी ग्राउंड पर 21 किमी से ज्यादा दौड़ का रिकॉर्ड भी बना चुके है। पूर्व में बतौर फुटबॉलर 1981 में वेस्ट झोन इंटर यूनिवर्सिटी फुटबॉल में विक्रम यूनिवर्सिटी के कप्तान रहे। विक्रम यूनिवर्सिटी को चैंपियन बनाया। उसके बाद से कोई फुटबॉल टीम कभी नहीं जीती।
