-कार्मिक विभाग द्वारा आदेश जारी कर कार्यालय अधीक्षक का तबादला वेतन अनुभाग में किया।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे कमर्शियल विभाग में कर्मचारियों के ट्रांसफर-प्रमोशन में क्लर्क द्वारा की गई अनियमितता का खामियाजा इनके डीलिंग क्लर्क को भुगतना पड़ा। इसकी शिकायत के बाद विजिलेंस कार्रवाई के अलावा मामला मुंबई हेड क्वार्टर तक चर्चा में आ गया। इसे देखते पर्सनल विभाग में कार्यरत डीलिंग क्लर्क (कार्यालय अधीक्षक) का तबादला कर दिया गया। जबकि अनियमितता की मूल जड़ में बैठे कमर्शियल विभाग के क्लर्क को अभी भी यथावत रखकर राहत दी गई। यह आम कर्मचारियों के भी समझ से परे है।
मालूम हो कि कमर्शियल विभाग में ट्रांसफर-प्रमोशन में अनियमितता की आशंका को लेकर रेलवे बोर्ड स्तर पर शिकायत की गई थी। इसके बाद मुंबई हेड क्वार्टर से पिछले दिनों विजिलेंस इंपेक्टर द्वारा कमर्शियल विभाग के क्लर्क तथा कार्मिक विभाग के पर्सनल सेक्शन के डीलिंग क्लर्क (कार्यालय अधीक्षक) से बारी-बारी पूछताछ कर कुछ दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद से पड़ताल का सिलसिला जारी है। हालांकि दोनों क्लर्क को मुंबई तलब भी किया। वहां पुख्ता प्रमाण पेश नहीं किए जाने से विजिलेंस टीम इंदौर भी पहुंची थी। मामले में पीआरओ खेमराज मीणा का कहना है कि विजिलेंस टीम जांच के लिए आती रहती है। इनकी कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय है। बल्कि ये किसी भी जांच मामले में विजिलेंस के मुंबई हेडक्वार्टर रिपोर्ट करते है।
कार्यालय अधीक्षक को भेजा वेतन अनुभाग में
अनियमितता व फाइलों की लेतलाली के इस मामले में कार्मिक विभाग प्रमुख द्वारा सख्ती दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की है। पर्सनल सेक्शन के ईटी अनुभाग में कार्यरत कार्यालय अधीक्षक संतोष सिन्हा का तबादला वेतन अनुभाग में कर दिया गया। इनके स्थान पर वेतन अनुभाग में कार्यरत कनिष्ठ लिपिक संजय राठौर का ईटी अनुभाग में समान पद पर तबादला किया है। 26.4.2024 को इसके आदेश जारी किए गए। हालांकि इनकी भूमिका केवल डीलिंग क्लर्क तक ही सीमित रही। लेकिन मुख्य रूप से गड़बड़ियां कमर्शियल विभाग में क्लर्क स्तर से की गई है। देखना है कि अब सबंधित को विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा तक रोका जाएगा, कार्मिक विभाग की तरह तुरंत प्रभाव से तबादला कर हटा दिया जाएगा या यथावत रखते हुए मेहरबानी कर दी जाएगी।