Logo
ब्रेकिंग
सेवा के दिगंत पर स्वर्णिम चमक....200 से अधिक कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी कर बच्चों को दी सुनने-बोलने क... निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस से महिला यात्री का बैग चोरी: 3.75 लाख रुपए का सामान उड़ाया, रतलाम GRP को ट्रा... अखिल रेल हिंदी वाक् प्रतियोगिता में रतलाम मंडल की लीना नागेद ने जीता द्वितीय स्थान शून्य सीरीज ट्रेनों में ‘रिले रेस’ का खेल: अनाधिकृत यात्रियों की पासिंग कर जेब गर्म कर रहे TTE, सतर्... इंदौर में चेकिंग स्टाफ का टीए रोकने पर घिरे एसीएम, डीआरएम ने रतलाम तलब किया; तबादला तय इंदौर-हिसार एक्सप्रेस की चपेट में आने से महिला की मौत, रतलाम के पास 30 मिनट थमी रही ट्रेन आरपीएफ की कार्रवाई से भड़के खानपान संचालक: रतलाम स्टेशन पर खानपान स्टॉलें बंद, यात्रियों की बढ़ीं मु... गरीब रथ बनी 'अमीर रथ',  कमर्शियल विभाग बना मिडिल क्लास.... मनमानी ड्यूटी में मालामाल वर्किंग, TTE रो... घटिया निर्माण का ऐसा नज़ारा.... रतलाम-नीमच डबलिंग प्रोजेक्ट में प्लेटफॉर्म की बदसूरती बरकरार, ढोढर मे... रतलाम में गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज मनाएगा ऐसी जन्माष्टमी.... शिक्षक दिवस पूर्व 4 सितंबर को शिक्षावि...

मजदूर संघ ने लोको रनिंग के कैडर रिव्यू को भ्रामक बताया, क्रमिक भूख हड़ताल को समर्थन जारी

-मंडल मंत्री नागर ने कहा-भ्रामक सूचनाओं से रनिंग कर्मचारियों में आक्रोश
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। विगत 65 दिनों से उज्जैन लाॅबी पर जारी क्रमिक भूख हड़ताल से वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन ने बिना किसी से चर्चा किए मात्र कैडर रिव्यू के आदेश निकाले जाने पर प्रशासन के साथ सहमति बनाकर अपना समर्थन वापस लिया। इसके बाद भी वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ ने क्रमिक भूख हड़ताल का रनिंग कर्मचारियों की मांग पर अपना समर्थन जारी रखा है।

मजदूर संघ व उज्जैन रनिंग कर्मचारी सहमत नहीं

मजदूर संघ के मंडल मंत्री अभिलाष नागर ने कहा कि वर्तमान में जारी कैडर रिव्यू में भी इन्दौर से आंशिक पदों को उज्जैन स्थानातंरित करने एवं वर्तमान में जारी स्वीकृत संवर्ग से अधिक संख्या में रनिंग कर्मचारियों के उज्जैन में पदस्थ किया गया। मजदूर संघ सहित उज्जैन के सभी रनिंग कर्मचारी इस कैडर रिव्यू से सहमत नहीं है। यूनियन ने कैडर रिव्यू से सहमति जताते हुए बिना अन्य संगठनों से चर्चा किए भूख हड़ताल से अलग होने पर भी भूख हड़ताल पर कोई असर नहीं हुआ है। उक्त कैडर रिव्यू के बाद भी उज्जैन से लगभग 40 कर्मचारियों को एक्सेस कैडर में होने के कारण उज्जैन से बाहर भेजा जा सकता है। इसी कारण से उज्जैन के रनिंग कर्मचारियों में बेहद नाराजगी है एवं भूख हड़ताल को जारी रखने का फैसला लिया है। इसके साथ ही कैडर रिव्यू को केवल अकेले एक संगठन की उपलब्धी बताने से भी कर्मचारियों एवं अन्य संगठन, जो भूख हड़ताल का हिस्सा थे, उनमें रोष है।
जिस आदेश के विरोध में उज्जैन में क्रमिक भूख हड़ताल प्रारम्भ हुई थी, उसी आदेश को निरस्त करने के स्थान पर उसी को आधार मान कर कैडर रिव्यू के आंकड़ों को जारी करना भ्रामक है। जबकि वास्तविकता में जनवरी 2023 में रतलाम मंडल में लोको रनिंग जिसमें लोको पायलट मेल एक्सप्रेस, लोको पायलट पैसेंजर, लोको पायलट गुड्स, लोको पायलट शंटर एवं सहायक लोको पायलट के कुल स्वीकृत पद 1325 थे। वर्तमान में जारी कैडर रिव्यू में उक्त संवर्ग के कुल पद 1295 स्वीकृत किए गए है। इस प्रकार रतलाम मंडल में जनवरी 2023 के पश्चात अक्टूबर 2023 में वर्ष 2022 के आंकड़ों के आधार पर जारी कैडर रिव्यू में 30 पदों को समाप्त किया गया है। इस प्रकार अन्य संगठन द्वारा भ्रामक सूचनाएं समाचार प्रकाशित करवाने से रनिंग कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उज्जैन लॉबी के प्रदर्शन को उज्जैन के विभिन्न सामजिक, व्यापारिक एवं कर्मचारी संगठन (यूनियन को छोड़कर) समर्थन कर रहे है l भूख हड़ताल के 67वें दिन राजेश राठौड़, निर्मल दास बैरागी, रूपनारायण यादव आदि भूख हड़ताल पर बैठे l

20 मार्च के आदेश से बढ़ा है आक्रोश

रतलाम रेल प्रशासन के 20 मार्च 2023 के आदेश द्वारा उज्जैन एवं चित्तौडगढ़ मुख्यालय से लोको पायलट के सभी पदों को इन्दौर एवं अन्य स्टेशनों पर स्थानांतरित कर दिया गया था। उज्जैन लाॅबी से लगभग 156 पदों को समाप्त कर अथवा अन्यंत्र स्थानांतरित कर दिया गया था। जिसके विरोध में सभी संगठनों ने संयुक्त मोर्चा बनाकर 21 अगस्त 2023 से उज्जैन लाॅबी पर क्रमिक भूख हड़ताल की शुरुआत की थी। उज्जैन के रनिंग कर्मचारियों के विरोध एवं मजदूर संघ द्वारा मुख्यालय स्तर की महाप्रबंधक स्तर की वार्ता में मुद्दे को उठाने के बाद चर्चगेट से उच्च स्तरीय तीन अधिकारियों की कमेटी द्वारा रतलाम में बैठक के बाद भी परिणाम नहीं निकलने पर भूख हड़ताल जारी रखी थी। उक्त बैठक के दौरान भी रेल प्रशासन द्वारा वर्तमान में जारी कैडर रिव्यू का वादा किया गया था। किन्तु उज्जैन एवं चित्तौडगढ़ से स्थानांतरित सभी पदों को वापस लाने पर रेल प्रशासन की असहमति के कारण आम सहमति नहीं बन पाई थी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This will close in 0 seconds