साहब, सेहद के लिए ये तो हानिकारक है…रेलवे केंटीन पर एक्पायरी डेट कोल्ड्रिंक की बिक्री, शिकायत के लिए दो घंटे भटकते रहे
-प्लेटफॉर्म नंबर 1 व 2 की केटिंन से खरीदी कोल्ड्रिंक।
न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे स्टेशन पर एक्पायरी डेट की कोल्ड्रिंक बिक्री का मामला सामने आया है। इससे बड़ी लापरवाही इसकी शिकायत को लेकर उजागर हुई। करीब दो घंटे तक शिकायतकर्ता स्टेशन पर भटकते रहे। हैरत की बात यह भी है कि मामले में ट्वीट करने के बाद भी कोई जिम्मेदार मौके पर कार्रवाई करने नहीं पहुंचा। मशक्कत के बाद शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज करवाई गई।
मालूम हो कि रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा के लिए ट्वीट कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के इंतजाम किए है। ट्वीट के बाद मुख्यालय से जिम्मेदार हरकत में आ गए। लेकिन मंडल स्तर पर इसे लेकर सुस्त रवैया देखने में आया है।

रतलाम निवासी महेंद्र भंडारी अपने बेटे को इंदौर के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर खड़ी भिंड एक्सप्रेस में बिठाने गए। इस बीच उन्होंने बेटे को प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर स्थित खानपान स्टॉल से लिम्का बॉटल खरीदने भेजा। जब खरीदी गई लिम्का बॉटल की एक्सपायरी डेट की जांच की। तो इस पर 19.1.2025 की तारीख़ अंकित थी। भंडारी ने इसकी सूचना कमर्शियल विभाग के अधिकारी को देने के लिए फोन लगाया। लेकिन रिसिव नहीं किया गया। तब भंडारी ने अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के मालवा प्रान्त सह सचिव अनुराग लोखंडे तथा सुनिल दुबे को फोन किया तो वे मौके पर पहुंचे। इन्होंने पुख्ता जांच के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 2 की एक अन्य सांची स्टॉल पर से भी लिम्का बॉटल खरीदी। इसमें भी वही एक्सपायरी डेट पुरानी ही निकली। तब मामले में डीआरएम को फोन पर सूचना दी गई।
डीलर से कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया
मामले में दुबे ने बताया कि प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर स्टॉल संचालक कालू से एक्सपायरी डेट की शिकायत की। तब उन्होंने कहा कि वे जयंत इंटरप्राइजेज से कोल्ड्रिंक मांगवाते है। वहां से ही पुरानी दी गई, हम क्या कर सकते है। दुबे के मुताबिक जब जयंत इंटरप्राइजेज के संचालक सुभाष जैन से चर्चा की तो वे संतोषजनक जवाब नही दे सके।
पहले शिकायत पुस्तिका में शिकायत करवाई
ट्वीट करने के बावजूद स्टेशन के अधिकारियों ने इस शिकायत को मान्य नही किया। कहा गया कि पहले शिकायत पुस्तिका के शिकायत दर्ज करवाओ। मामले में ग्राहक पंचायत के लोखंडे ने कहा कि ट्वीट करने के बाद दो घंटे तक कोई जिम्मेदार सुनवाई के लिए मौके पर नही आया। बाद में शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज करवाई गई। मामले में रेलवे पीआरओ का कहना है कि शिकायत पर त्वरित सुनवाई व कार्रवाई की जाती है।
