-मामला उजागर होने के बाद मुंबई आईबी सहित जोन की एजेंसियां सक्रिय हुई।
न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। दिवंगत भाई के स्थान पर फर्जी तरीके से ट्रैकमैन की नौकरी कर रहे छोटे भाई का मामला उजागर होने पर रेलवे द्वारा कर्मचारी के नाम का बैंक खाता सीज किया गया। इसके बावजूद वह रुपए निकालने के लिए बैंक पहुंचा। लेकिन बैंक स्टॉफ द्वारा उसे बैरंग लौटाते हुए बताया कि वे सीधे रेलवे अधिकारियों से बात करें। बाद में वह अधिकारियों के पास भी पहुंचा। वहां आड़े हाथ लिया गया। इससे पहले रेलवे रिकॉर्ड में चल रहे मूल कर्मचारी के नाम का विभाग ने निलंबित आदेश जारी किया गया।
इधर, न्यूज जंक्शन-18 द्वारा खबर का प्रकाशित किए जाने के बाद मामला पश्चिम रेलवे मुंबई जोन तक पहुंचा। वहां से मंडल कार्यालय रतलाम से पुख्ता जानकारियां निकाली जा रही है। अब रेलवे द्वारा मामले की विभागीय जांच की जा रही है। इसके बाद कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक फर्जी तरीके से ट्रैकमैन की नौकरी करता थावरिया पिता रादू 29 नवंबर 2024 शुक्रवार को परिजनों के साथ डीआरएम ऑफिस ब्रांच पहुंचा। बताया जा रहा है कि पूर्व में रेलवे द्वारा मासिक वेतन बिल संलग्न होने के बाद कर्मचरियों को वेतन के मोबाइल पर मैसेज गए। ऐसा ही मैसेज थावरिया के पास भी पहुंचा। तब यह वेतन निकालने बैंक गया तो बैंककर्मियों ने इसका बैंक खाता सीज करने संबंधित जानकारी देकर कार्मिक विभाग में अधिकारियों संपर्क करने को कहा। इधर, थावरिया बैंक से कार्मिक विभाग सेक्शन में पहुंचा। वहां एपीओ अंबालाल लबाना से जानकारी ली। तब मामले में उसे फर्जीवाड़े की जानकारी दी गई।

आईबी सहित एजेंसियों पर भी सवाल
महीनों से मृत भाई के स्थान पर काम कर वेतन पाने का मामला कार्मिक विभाग के माध्यम से उजागर हुआ। इस पर बड़ा सवाल यह भी है कि आईबी सहित रेलवे की खुफिया एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी। ऐसे में एजेंसियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इन एजेंसियों को भी ऐसे मामलों की भनक मीडिया रिपोर्ट तथा खबरों के बाद ही लगती है। इसके बाद सक्रिय होकर संबंधितों के नाम, पता तथा मोबाइल नंबर की पूछताछ की जाती है। इससे पहले सेक्शन में एसएसई, एईएन तथा जमादार की भी भूमिका संदेहास्पद मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि जांच में इन्हें भी तलब कर पूछताछ की जाएगी।
यह है मामला
रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत ट्रैकमैन की चार साल पहले मौत के बाद छोटा भाई स्वयं कर्मचारी बनकर हर माह पगार उठाता रहा। कर्मचारी की दिसंबर 2024 में रिटायरमेंट था। इसके दस्तावेजी कार्रवाई में बीट इंचार्ज वेल्फेयर इंस्पेक्टर ने मामला पकड़ा। इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दी। मामला डीआरएम के संज्ञान में दिया गया। इसके बाद दिवंगत ट्रैकमैन के छोटे भाई का बैंक खाता सीज किया गया।
दरअसल मामला रतलाम रेल मंडल के पालिया-लक्ष्मीबाई नगर सेक्शन का है। इस सेक्शन में डॉ. अंबेडकर नगर महू सीनियर सेक्शन इंजीनियर के अधीन कार्यरत ट्रैकमैन नंदा पिता रादू का 20 जून 2020 में किसी कारणवश निधन हो गया था। इसकी सूचना विभाग को दिए बगैर छोटे भाई थावरिया पिता रादू ने स्वत: ही नौकरी पाकर सेक्शन में नौकरी पर आना शुरू कर दिया। साथ ही भाई की ग्रेडपे के मुताबिक बनने वाली पगार भी स्वयं छोटा भाई लेता रहा। रिटायमेंट की पूर्व कार्रवाई के चलते पूछताछ एवं समय पर दस्तावेज नहीं भेजे जाने पर वेल्फेयर इंस्पेक्टर एनएस बैरागी द्वारा गांव पहुंचने पर मामला सामने आया कि कर्मचारी की तो 2020 में ही मौत हो गई तथा जो व्यक्ति नौकरी पर आ रहा है वह उसका छोटा भाई है।
