-मामला रेलवे ट्रैफिक वर्कशॉप में लोडिंग वाहन से मटेरियल परिवहन का
न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे ट्रैफिक वर्कशॉप में अनुपयोगी मटेरियल का नियमों से परे लोडिंग वाहन से परिवहन तथा ऑफिस में चल रही अनियमितता को लेकर संबंधित ब्रांच अधिकारियों ने जिम्मेदारों को तलब कर उनकी क्लास ली। उनसे पूछा गया कि कब-कब सामग्री को लोडिंग वाहन से परिवहन किया गया है।
बता दें कि ट्रैफिक वर्कशॉप में चल रही अनियमितताओं को लेकर पिछले माह के आखरी सप्ताह में विजिलेंस टीम ने कार्रवाई कर दस्तावेजों की जांच की थी। इसके बाद कुछ और अनदेखियां हाथ लगने के बाद न्यूज जंक्शन-18 द्वारा खबर का प्रकाशन किया।
दरअसल वहां इंचार्ज के रूप में पदस्थ सीनियर सेक्शन इंजीनियर मुख्य रूप से इंजीनियरिंग विभाग से संबंधित है। जबकि अन्य स्टाफ वाणिज्य विभाग के अधीन है। डीआरएम ऑफिस में अपने-अपने सेक्शनों में मस्टर पर हस्ताक्षर करने के बाद डाट की पुल एरिया में कर्मचारियों की वर्किंग शुरू होती है। दोनों ऑफिस के बीच दूरी होने की वजह से वहां सीनियर अधिकारियों की आवाजाही नहीं रहती है। बल्कि कामकाज के लिए कर्मचारियों को मंडल कार्यालय ही बुलवाया जाता है। यहीं वजह है कि वहां दबी-छिपी अनदेखियों की भनक अधिकारियों के बजाय सीधे विजिलेंस को लगी।
इधर, रेलवे के निर्धारित नियमों के मुताबिक 50 हजार रुपए तक की सामग्री का नष्टीकरण एवं नीलामी की प्रक्रिया रतलाम मंडल कार्यालय में ही की जाना रहती है। इससे कि इनसे प्राप्त आय मंडल में ही रहे। जबकि दाहोद वर्कशॉप का लिंक सीधे मुंबई मुख्यालय से है। इसके विपरित ये सभी सामग्री दाहोद ले जाई जा रही है। इसमें भी सोफा, टेबल, कुर्सियां सहित अन्य ऐसी कई सामग्री ट्रेन में या बड़े वाहन में ले जाने के बजाय अनुबंधित की गई बोलेरो लोडिंग वाहन कैंपर में भेजी जा रही है। इसका खर्च उल्टा रतलाम मंडल को भुगतना पड़ रहा है।
इस खबर का प्रकाशन के बाद सीनियर सेक्शन इंजीनियर अब्दुल शेख अहमद को इंजीनियरिंग विभाग में तलब किया गया। जबकि अन्य स्टाफ से पूछताछ के लिए वाणिज्य विभाग में ब्रांच अधिकारी हीना केवलरमानी ने बुलवाया। स्टाफ से पूछताछ कर चेतावनी दी गई है कि पिछले रिकॉर्ड के मुताबिक बताया जाए कि कब-कब मटेरियल कितनी संख्या में कैंपर से दाहोद भेजा गया है। इसके अलावा कुछ फाइलें भी बुलवाई गई है।
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