ये है कामचलाऊ वर्क्स….रेलवे कॉलोनी में फाइबर केबल बिछाने में लापरवाही, बिजली विभाग की उखड़ी केबल अब सतही डाल रहे; हादसे का खतरा
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे कॉलोनी रोड नंबर 2 क्षेत्र में इन दिनों एसएंडटी (संकेत एवं दूरसंचार) विभाग द्वारा कराई जा रही फाइबर केबलिंग के दौरान भारी लापरवाही सामने आ रही है।
ठेकेदार द्वारा नियमों को ताक पर रखकर केबल डालने का काम पूरी तरह सतही तौर पर किया जा रहा है, जिससे भविष्य में बड़े हादसे और बिजली दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है।

क्षतिग्रस्त केबल की भरपाई में लीपापोती:- मिली जानकारी के अनुसार, कॉलोनी में घरों तक इंटरनेट सुविधा पहुंचाने के लिए एसएंडटी विभाग द्वारा ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम ठेके पर कराया जा रहा है। इस खुदाई के दौरान इलेक्ट्रिकल पावर विभाग की मुख्य केबल क्षतिग्रस्त हो गई थी। नियमानुसार ठेकेदार को क्षतिग्रस्त इलेक्ट्रिकल केबल को मानक गहराई पर दुरुस्त कर बिछाना था। लेकिन एसएंडटी विभाग और ठेकेदार की आपसी सांठगांठ के चलते इलेक्ट्रिकल पावर की इस संवेदनशील केबल को महज सतह पर ही दबाकर छोड़ दिया गया है।
मानकों की खुलेआम अनदेखी:- जमीन के अंदर किसी भी प्रकार की हाई या लो-टेंशन पावर केबल बिछाने के लिए सुरक्षा मानकों के तहत कम से कम 1 मीटर (3 फीट से अधिक) गहरी खुदाई करना अनिवार्य होता है। लेकिन रोड नंबर 2 पर नाममात्र की छिलाई करके केबल डाल दी गई है। बारिश के दिनों में पानी के कटाव या वाहनों की आवाजाही से यह केबल कभी भी जमीन से बाहर आ सकती है, जिससे करंट फैलने या बड़ा हादसा होने का सीधा खतरा बना हुआ है। मामले में एसएंडटी विभाग के इंजीनियर बताते है कि हमारे विभाग की कोई भी केबल 1 मीटर गहरी रहती ही है। लेकिन इलेक्ट्रिकल पावर विभाग की अधिकांश केबल कम खुदाई में ही डाली गई है।

वर्क फ्रॉम होम की तैयारी, लेकिन जमीनी काम पस्त:- बताया जा रहा है कि रेलवे प्रशासन अब फील्ड वर्क के साथ-साथ एसएसई स्तर के अधिकारियों व कर्मचारियों से आवश्यकतानुसार वर्क फ्रॉम होम कराने की योजना बना रहा है। इसी के तहत रेल नेट/इंटरनेट कनेक्शन देने का काम तेजी से चल रहा है। लेकिन योजना जितनी हाई-टेक है, ठेकेदार द्वारा जमीनी स्तर पर किया जा रहा काम उतना ही घटिया और खतरनाक साबित हो रहा है।
स्थानीय निवासियों और रेलकर्मियों ने प्रशासन से मांग की है कि रोड नंबर 2 पर डाली गई केबल के काम की तुरंत जांच की जाए और इसे मानक गहराई (1 मीटर से अधिक) पर बिछवाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
