वार्षिक निरीक्षण के बाद रतलाम पहुंचे रेलवे जीएम….बोले- सिंहस्थ के लिए 800 करोड़ रुपए के होंगे काम, उज्जैन से सटे 5 स्टेशन पर यात्री सुविधा के इंतजाम
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। उज्जैन सिंहस्थ-2028 के लिए राज्य सरकार के समन्वय से रेलवे काम कर रहा है। रेलवे ने इसके लिए 800 करोड़ रुपए के काम स्वीकृत किए है। इसके लिए उज्जैन से सटे 5 स्टेशन यात्री सुविधा के लिए बेहतर विकसित किए जा रहे है। यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएगी।
यह बात पश्चिम रेलवे जीएम (महाप्रबंधक) विवेक गुप्ता ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। वे बुधवार को रतलाम मंडल के रतलाम-चित्तौड़ सेक्शन के वार्षिक निरीक्षण के बाद शाम 6 बजे रतलाम स्टेशन पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के लिए उज्जैन-नागदा व उज्जैन-भोपाल की ओर नईखेड़ी से पिंगलेश्वर। फतेहाबाद और चिंतामन गणेश की ओर यार्ड, ब्रिज तथा बाउंड्रीवाल बनाई जा रही है। एक से डेढ़ साल में ये काम पूरे कर लिए जाएंगे। 50 फीसदी टेंडर पूरे कर लिए गए। एक माह टेंडरिंग के काम फाइनल हो जाएंगे।
बड़ौदा के बाद रतलाम में मेमू का शेड:- जीएम ने बताया कि सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए रतलाम में मेमू का शेड तैयार हो रहा है। बड़ौदा के बाद दूसरा शेड है। सिंहस्थ के पहले इसे कम्प्लीट कर लिया जाएगा। इंडियन कोच फेक्ट्री (आईसीएस) में रैक तैयार हो रहे है। इनका शेड में प्रॉपर मेंटेनेस की सुविधा रहेगी। सिंहस्थ में आवश्यकता के अनुरूप मेमू के पर्याप्त अतिरिक्त रैक उपलब्ध रहेंगे।
जीएम ने कहा कि रतलाम-चित्तौड़ डबलिंग के काम में ट्रैक का फाउंडेशन पूरा हो गया, ओएचई वर्क लगभग कम्प्लीट है। यार्ड के काम हो चुके है। बैलास्ट की सप्लाई हो चुकी है। दो-तीन पुलों के काम बचे है। सीआरएस निरीक्षण कराकर मार्च 2026 तक यह काम पूरा हो जाएगा।
प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर नारेबाजी:- इधर, पत्रकारों से चर्चा के बाद जीएम गुप्ता कार में सवार होने बाहर आए तो उनके स्वागत में तथा सीनियर डीसीएम के खिलाफ नारेबाज़ी शुरू हो गई। नज़ारा देख जीएम रतलाम मंडल रेल संघर्ष समिति के यतेंद्र भारद्वाज, मनीष शर्मा सहित कार्यकर्ता से स्वयं मिलने जा पहुंचे। यतेंद्र ने उनसे कहा कि वाणिज्य विभाग द्वारा जनप्रतिनिधियों की लगातार अवहेलना की जा रही है। उनके फोन तक नहीं उठाए जा रहे है। समिति सदस्यों ने जीएम को ज्ञापन सौंपा। इस पर जीएम ने मामले को संज्ञान में लेने के लिए आश्वस्त किया।
