प्रत्याशी की बात….बढ़ने लगी चुनावी सरगर्मियां, यूनियन जेआरआई प्रत्याशी का आरोप, कहा-मजदूर संघ नवीनीकरण का कर रही झूठा व भ्रामक प्रचार
-जेआरआई के सचिव पद के उम्मीदवार आशीष यादव ने लगाई आरोपों की झड़ी।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे इंस्टीट्यूट चुनाव की बढ़ती सरगर्मियों के साथ अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चरम पर पहुंचने लगा है। वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन ने जूनियर रेलवे इंस्टीट्यूट (जेआरआई) के नवीनीकरण को लेकर वाट्सएप ग्रुपों में मैसेज वायरल किए। जवाब में मजदूर संघ प्रत्याशी ने अपनी ओर से मैसेज के जरिए ही इसे झूठा प्रचार बताया है।
जेआरआई सचिव पद के प्रत्याशी आशीष यादव ने कहा कि कुछ वाट्सएप ग्रुप में जेआरआई के लिए झूठ प्रचारित किया जा रहा है कि जेआरआई का नवीनीकरण यूनियन की बॉडी (पदाधिकारी) ने नहीं बल्कि मजदूर संघ द्वारा करवाया है। यह प्रचार सरासर बेबुनियाद व पूरी तरह से गलत है।
इसे लेकर यादव ने ग्रुपों में सबूत के तौर पर 25 मार्च 2022 की अखबार की कटिंग भी डाली है।
यादव ने कहा कि मजदूर संघ ने मार्च 2022 में प्रशासन से फंड स्वीकृत करवा लिया था। तब मेरे द्वारा वर्ष 2023 में जीतकर आने तक मजदूर संघ ने जेआरआई का नवीनीकरण क्यों नहीं किया। वर्ष 2022 से 2023 के मध्य स्वीकृत फंड को किसकी जेब में भरा गया यह सदस्यों को साफ तौर पर बताना चाहिए। बल्कि इस फंड का उपयोग मौज-मस्ती और पार्टियों में किया गया। इसका नतीजा यह रहा कि मजदूर संघ के प्रत्याशियों को पिछले चुनाव में शर्मनाक हार का मुंह देखना पड़ा। इस बार चुनाव से पहले ही प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशियों के हार का फीडबैक मिलने लगा तो अफवाहें फैलाने का कार्य शुरू कर दिया गया। हालांकि कर्मचारी सब कुछ समझते है।
यादव ने आगे कहा कि मेरे द्वारा तमाम नवीनीकरण की रिपोर्ट हर प्रतिदिन सोशल मीडिया के माध्यम से दी जाती रही थी। प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी हार की कगार पर आ गए है तो झूठा प्रचार करने के प्रयास किए जा रहे है।
यूनियन के सभी प्रत्याशी पहुंच रहे मतदाताओं तक
इधर, चुनावी मतदान की तारीख नजदीक आने पर यूनियन के चारों प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं से संपर्क तेज कर दिया है। बुधवार को एसआरआई सचिव पद के प्रत्याशी अशोक तिवारी, कोषाध्यक्ष उम्मीदवार कपिल गुर्जर, जेआरआई सचिव पद के उम्मीदवार आशीष यादव व कोषाध्यक्ष पद के प्रत्याशी भूपेंद्र गुर्जर रेलवे कार्यालयों के अलावा देर रात तक कॉलोनियों में सघन जनसंपर्क में जुटे रहे। सीनियर व जूनियर इंस्टीट्यूट में पदाधिकारी रहते उनके द्वारा किए गए कामों को गिनाकर सदस्यों से वोट की अपील कर रहे है।
