Logo
ब्रेकिंग
​रतलाम में सनसनीखेज वारदात: रेलवे माल गोदाम रोड पर युवक को मारी गोली, प्रेम विवाह से जुड़ी रंजिश की ... रतलाम के राजबाग गरबा उत्सव में अनूठी पहल: 200 बालिका-महिलाओं को बांटी गईं तलवारें और वैदिक पुस्तकें मक्सी-पीर उमरोद रेल हादसा: साथियों की दर्दनाक मौत से सदमे में रेलकर्मी, सिसकियों में बयां किया ख़ौफ़ना... बजरंगगढ़ स्टेशन पर ऑइल भरी मालगाड़ी में लगी आग, हड़कंप संभव सांखला का बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन 'पुरुष चंटीया रास' से सराबोर होगा पांडाल....रतलाम में नवयुवक सेवा समिति द्वारा तीन दिवसीय 'पुरुष चंट... गोवा एक्सप्रेस की चपेट में आई ट्रॉली हादसे में दूसरे ट्रॉलीमैन की भी मौत, सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि रेल मंडल में दूसरा ट्रेन हादसा....मक्सी स्टेशन के पास गोवा एक्सप्रेस की चपेट में आई रेलवे ट्रॉली, एक... सेजावता-बंजली क्रासिंग गेट हादसा: रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, आज पीसीएसओ घटनास्थल क... ​रतलाम में ट्रेन और कार की टक्कर: सेजावत-बंजली बायपास रेलवे फाटक पर टला बड़ा हादसा, डीआरएम ने दिए उच्...

मां जैसा लुटाया प्यार, निकली अंतिम यात्रा

-बैंड बाजे के साथ निकाली गौमाता की अंतिम यात्रा, शामिल हुए गोभक्त

रतलाम, न्यूज़ जंक्शन-18

आपने यदाकदा नंदी की शवयात्रा देखी होगी। मगर गौमाता की अंतिम यात्रा व संस्कार का सम्भवतः पहला मामला देखा गया। रतलाम जिला मुख्यालय के रावटी कस्बे में गौमाता के निधन के बाद कुछ ऐसा ही नजर दिखाई दिया। परिजनों व धर्मालुओं ने गौमाता के निधन पर बैंड बाजो के साथ शवयात्रा निकली।

रावटी में चका सेठ के नाम से मशहूर व्यक्ति श्रेणिक चत्तर की गाय करीब डेढ़ साल से बीमार थी। जिसके इलाज के लिए पूरा परिवार जुटा था। घर के लोग एक परिजन की तरह ही गाय की देखभाल करते थे।
बीमारी के बाद जब शनिवार को निधन हुआ तो पूरा परिवार में गम में डूब गया। कुछ ही देर में इसकी सूचना सोशल मीडिया पर फैली तो लोग चत्तर परिवार से संपर्क कर उनके घर जमा होने लगे। बाद में बकायदा संस्कारिक तौर पर गौमाता को स्नान करवाकर ट्रेक्टर-ट्राली में बैंड-बाजों के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में लोगो ने पुष्पांजलि देकर बिदाई दी। गांव के तेजाजी मंदिर परिसर में समाधि दी गई।

ग़मगीन था परिवार
गौमाता की अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए पूरा चत्तर परिवार ग़मगीन रहा। परिवार के चका सेठ, पत्नी उषा चतर, आशीष चतर, अंजलि चत्तर, पंकज चत्तर, कृतिका चत्तर, पौत्र वर्धमान, आशीष, महावीर , पंकज के अलावा पुत्री चेतना सुशील मांडोत, बिंदु रितेश लोढ़ा ने विदाई दी। इस मौके पर हिन्दू संगठन सहित गौ भक्त शामिल हुए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.