-विधानसभा चुनाव की घोषणा का डीआरएम ऑफिस में असर नहीं।
न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही आचार संहिता लगा दी गई। रेलवे के केंद्रीय कार्यालय में अफसरों का शायद इससे कोई सरोकार नही है। यात्री सुविधाओं व योजनाओं के पिछले दिनों के इवेंट की तस्वीरे अभी भी स्क्रीन पर दिखाई जा रही है।
मालूम हो कि आदर्श आचार संहिता 9 अक्टूबर से लागू कर दी गई है। इसके बाद नगर निगम द्वारा ताबड़तोड़ शहर में राजनीतिक पार्टियों सहित निजी संगठनों से जुड़े फ्लेक्स व बैनर हटा लिए।
चुनावों के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नियमों को राज्य सहित केंद्र शासन के कार्यालयों में भी सख्ती से लागू किए जाना अनिवार्य है।
कार्यालय के मुख्य द्वार पर अनदेखी
डीआरएम ऑफिस भवन के मुख्य द्वार के प्रवेश पर लगी एलईडी स्क्रीन पर शासकीय इवेंट के चलचित्र को नियमित रूप से चलाए जा रहे है। लेक़िन इसे आचार संहिता लागू होने के बावजूद स्क्रीन पर रेलमंत्री के इंदौर आने के कार्यक्रम को दिखाया जा रहा है। वही स्क्रीन पर रेल अफसरों के अलावा इंदौर सीट के विधानसभा उम्मीदवार कैलाश विजयवर्गीय के चित्र भी चलते दिखाई दे रहे है।

अनदेखी पर कार्रवाई के प्रावधान
निर्वाचन आयोग के कोड का पालन न करने से कानूनों और विनियमों का उल्लंघन हो सकता है। इससे निश्चित रूप से प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है। व्यक्तियों के लिए इसका अर्थ अनुशासनात्मक कार्रवाई या बर्खास्तगी भी हो सकता है। इसलिए यह आवश्यक है कि आचार संहिता के कोड से परिचित हों और उसका पालन करें।
