न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे में स्वच्छ भारत अभियान के तहत भले ही स्वच्छता पखवाड़ा मनाकर सफाई के प्रति जागरुकता फैलाई जा रही है। लेकिन इसके बाद चरमराई व्यवस्था सफाई के दावों की पोल खोलती नजर आने लगी हैं। रेलवे कॉलोनी तथा रेलवे स्टेशन के हालात इन दिनों बद से बदतर बने हुए है। वर्तमान में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य कई बीमारियों का प्रकोप शुरू हो गया है। ऐसे में जिम्मेदारों की अनदेखी दूसरे के स्वास्थ को खतरे में डाल सकती है।
दूसरी ओर रेलवे कॉलोनी को लेकर हुई टेंडर प्रकिया विवादों में घिरती नजर आ रही हैं।।
रेलवेकॉलोनी में फर्म के मज़े, सफाई चौपट:- इधर, रेलवे कॉलोनियों में सफाई की सीधी जिम्मेदारी रेलवे अस्पताल प्रशासन की है। क्योंकि अस्पताल प्रशासन द्वारा टेंडर निकाले जाते है। सीएचआई के जिम्मे सफाई की निगरानी का काम होता है। इसके उलट कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि समय पर सफाई नहीं की जा रही है। कभी सफाई होती भी है तो कई दिनों तक कचरा उठाने का नाम नही लिया जाता।
आलम यह है कि नर्स कॉलोनी, शिमला कॉलोनी, ओल्ड रेलवे कॉलोनी सहित अन्य एरिया में बड़ी मात्रा में कचरे के ढेर लगे है।आरोपों के बीच नई टेंडर प्रकिया:- पश्चिम रेलवे के रतलाम रेल मंडल में ₹3.06 करोड़ के पिछले दिनों हुई सफाई टेंडर की प्रकिया अब आरोपों में घिरने लगी है।
मामला जेम पर जारी बिड संख्या GEM/2026/B/7435981 से जुड़ा है। जिसमें रेलवे कॉलोनियों की सफाई व्यवस्था के लिए निविदाएं बुलाई गई थीं।
आरोप है कि सीएमएस राजेश कुमार बेन रतलाम के प्रशासनिक नियंत्रण और सीधी सरपरस्ती में काम करने वाली तकनीकी मूल्यांकन समिति ने नियमों को ताक पर रखकर D N ENTERPRISES को तकनीकी रूप से योग्य घोषित कर दिया। अब इसी दागी प्रक्रिया के चलते उक्त फर्म L1 बन चुकी है।
टेंडर की अनिवार्य शर्त के तहत फर्म के पास सफाई का समान प्रकृति के कार्य का अनुभव होना अनिवार्य था। आरोप यह भी है कि दस्तावेजी सबूत के मुताबिक D N ENTERPRISES के पास ऐसा कोई अनुभव नहीं है। बिना अनुभव के इस फर्म की फाइल को CMS के विभाग ने रिजेक्ट क्यों नहीं किया? जबकि D N ENTERPRISES के ऑनर के मुताबिक उनके दस्तावेज़ टेंडर प्रकिया के मुताबिक है। इसी आधार पर उनकी फर्म के नाम टेंडर हुआ है।
CVC में शिकायत की तैयारी:- इस पक्षपातपूर्ण रवैए के खिलाफ अब सीधे केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC), रेलवे बोर्ड और महाप्रबंधक (GM) पश्चिम रेलवे को शिकायत भेजी जा रही है। जिसमें CMS रतलाम की भूमिका की उच्च स्तरीय विजिलेंस जांच और टेंडर प्रक्रिया को तुरंत निरस्त करने की मांग की गई है।
