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ट्रेन में ‘कॉकरोच पार्टी’ का तहलका: 12903 गोल्डन टेंपल मेल में रातभर हंगामा, कोच बदलना पड़ा; रतलाम के यात्री भी हुए परेशान

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। जहां एक तरफ देश की राजनीति में ‘कॉकरोच पार्टी’ ने खलबली मचा रखी है, वहीं दूसरी तरफ रेलवे के एक सफर के दौरान असली कॉकरोचों की झुंड ‘पार्टी’ ने यात्रियों का सफर मुहाल कर दिया। बुधवार रात मुंबई से अमृतसर जाने वाली

ट्रेन संख्या 12903 (गोल्डन टेंपल मेल) में कॉकरोचों के आतंक के कारण यात्रियों ने बड़ौदा स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। जिससे ट्रेन घंटों लेट हो गई और इसका सीधा असर रतलाम के यात्रियों पर भी पड़ा। यह 4 घंटे अधिक की देरी से गुरुवार सुबह 7.30 बजे रतलाम आई।

बर्थ नंबर 44 से शुरू हुआ ‘कॉकरोच संग्राम’:- यह पूरा मामला बुधवार रात का है, जब गोल्डन टेंपल मेल रात 11:34 बजे बड़ौदा स्टेशन पहुंची। ए/1 के कोच नंबर WR 211275 की बर्थ संख्या 44 पर सवार यात्री ने कोच में कॉकरोच का झुंड देखकर शिकायत की। जैसे ही ट्रेन बड़ौदा स्टेशन पर आकर रुकी। देखते ही देखते कोच के अन्य यात्री भी इस समस्या को लेकर भड़क गए। गंदगी और कॉकरोचों की भरमार से नाराज यात्रियों ने बड़ौदा स्टेशन पर ही हंगामा शुरू कर दिया और ट्रेन को आगे बढ़ने नहीं दिया। ट्रेन में
रतलाम स्टाफ के लोको पायलट डी.के. पांडे, एएलपी पप्पू राम मीना तथा ट्रेन मैनेजर (गार्ड) अतुल भटनागर थे। भटनागर ने बड़ौद के सीटीएनएल-पी बीआरसी को सूचना दी।

​सुबह 3:30 बजे तक चला ड्रामा, बदलना पड़ा कोच:- यात्रियों के कड़े विरोध के आगे रेलवे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। पेस्ट कंट्रोल और सफाई के दावों के बीच यात्री टस से मस नहीं हुए और चेन पुलिंग करते रहे। रात 11:30 बजे से लेकर सुबह 3:30 बजे तक यानी करीब 4 घंटे तक बड़ौदा स्टेशन पर गतिरोध बना रहा। आखिरकार, रेलवे अधिकारियों को यात्रियों के गुस्से के आगे झुकना पड़ा। ट्रेन में ए/1 (AC) कोच काटकर 3 एसी (3AC) कोच अतिरिक्त लगाकर यात्रियों को उसमें शिफ्ट किया गया। इसके बाद ही ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया जा सका।

रतलाम के यात्रियों पर पड़ा सीधा असर:- बड़ौदा में हुए इस 4 घंटे के हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण गोल्डन टेंपल मेल अपने निर्धारित समय से काफी देरी से यानी सुबह 7.35 बजे रतलाम स्टेशन पहुंची। रातभर स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे रतलाम के यात्री परेशान होते रहे। कई यात्रियों की आगे की कनेक्टिंग ट्रेनें छूटने की नौबत आ गई। यात्रियों का कहना था कि रेलवे सुरक्षा और सफाई के नाम पर भारी किराया वसूलता है। लेकिन जमीनी हकीकत कॉकरोचों के रूप में सामने आ रही है।
​इस घटना ने एक बार फिर भारतीय रेलवे के प्रीमियम ट्रेनों में साफ-सफाई और मेंटेनेंस के दावों की पोल खोल कर रख दी है।

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