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सुर निशा में मेघ महफ़िल, इठलाई बरखा, थिरकी बूंदें…गुलाब चक्कर में मंत्रमुग्ध कर गई ‘नयन गीतमाला’ संगीत निशा

न्यूज़ जंक्शन-18

रतलाम। ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र ‘गुलाब चक्कर’ परिसर में बीती शाम संगीत प्रेमियों के नाम रही। यहाँ ‘नयन गीतमाला’ के बैनर तले एक भव्य संगीत निशा का आयोजन किया गया। मानसून की दस्तक और बारिश के स्वागत में सजी इस शाम में कलाकारों ने मौसम के मिजाज के अनुरूप एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इऱफान खान स्टेनो जिला कलेक्टर मौजूद रहे।

बारिश के गीतों से भीगा ऐतिहासिक परिसर:- कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से गणेश वंदना तथा प्रार्थना ”इतनी शक्ति हमें देना दाता”  से हुई साथ हुई। चूंकि यह आयोजन विशेष रूप से वर्षा ऋतु के स्वागत के लिए रखा गया था। इसलिए पूरे कार्यक्रम के दौरान संगीत के रंग बारिश की बूंदों की तरह बरसते नजर आए।

सावन और मल्हार की गूंज:- कार्यक्रम के सूत्रधार नयन सुभेदार, वरिष्ठ संगीतकार व गायक अशफाक जावेदी के अलावा जलज शर्मा, शैलेंद्र तिवारी, राकेश बोरिया, अल्फिया खान, इंदु शर्मा, तालिबा ने सावन, बदरा और रिमझिम बारिश पर आधारित क्लासिकल और बॉलीवुड के सदाबहार सहित अन्य एकल व युगल गीतों की भी प्रस्तुति दी। रिमझिम बारिश में तराने गूंजे, तो पूरा गुलाब चक्कर परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

कला और प्रकृति का अनूठा संगम:- ऐतिहासिक गुलाब चक्कर की खूबसूरती और सुहाने मौसम ने इस संगीत निशा में चार चांद लगा दिए। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रतलाम की ऐतिहासिक विरासत से आमजन को जोड़ना और संगीत के माध्यम से प्रकृति के इस खूबसूरत बदलाव (बारिश) का उत्सव मनाना था।
देर रात तक चली इस संगीतमय महफिल में शहर के प्रबुद्ध नागरिक, कला प्रेमी और युवा दर्शक उपस्थित रहे। जिन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

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