Logo
ब्रेकिंग
स्वर्ण नगरी में डीपी ज्वेलर्स की स्वर्णिम यात्रा.....रतलाम में दूसरे व सबसे बड़े शोरूम का 6 अप्रैल को... आक्रामक हुए रनिंग कर्मचारी....किसी कीमत बड़ौदा मंडल का क्रू स्वीकार नहीं, रतलाम मंडल नहीं आने देंगे एसबीआई इंदौर अंचल के उप महासचिव आज शहर की ब्रांच का दौरा करेंगे रतलाम प्रेस क्लब निवार्चन का बजा बिगुल : प्रेस क्लब अध्यक्ष, सचिव ने निर्वाचन अधिकारी को सौंपा पत्र न्यायालय में पेश, आतंकी फ़िरोज को कड़ी सुरक्षा में जेल भेजा, एनआईए पहुंची रतलाम पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी को धमकीभरा मैसेज... फेसबुक पेज पर लिखा-घर से बाहर निकले तो जान का खतरा कंट्रोलर अब परिषद के कंट्रोल में..... आधा दर्जन रेलवे कंट्रोलर ने ली पीआरकेपी की सदस्यता रतलाम में घटना को अंजाम देने की तैयारी थी...बहन रेहाना की श‍रण में छिपे आतंकी को पकड़ने गई पुलिस टीम ... जयपुर दहलाने की साजिश में शामिल आतंकी को रतलाम पुलिस ने बहन के घर से दबोचा बगैर टेंडर, पेटी का टेरर...मजदूरों पर खर्च, पॉइंट्समैन भी उठा रहे पेटियां, दो माह से दोहरा खर्च, समस...

श्रीमद् भागवत कथा का समापन…. मित्र तो श्मशान तक ही जाते, व्यक्ति के धर्म-कर्म साथ जाते हैं

-अंतिम दिन रविवार को कथा में पंडित शास्त्री सलिल ने श्रद्धालुओं से कहा।

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। व्यक्ति के अंतिम समय में भले ही मित्र शमशान तक साथ जाते हैं। शरीर चिता में चला जाता है। किंतु उसके धर्म व कर्म ही साथ ऊपर तक साथ जाते हैं।
यह बात राजस्व कॉलोनी स्थित लॉयंस हाल में चल रही राधादेवी दामोदरदास तिवारी स्मृति संगीत में श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन रविवार को कथा वाचक पंडित डॉ. संजय शास्त्री सलिल ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहीं।


कथा के प्रारंभ में पोथी पूजन राजेश तिवारी, ममता तिवारी, दिव्यांश तिवारी, श्रेयांश तिवारी ने किया। पंडित सलिल ने कहा कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को नहीं देखा जाता हैं। भगवान ने जब भादो की चतुर्थी का चंद्रमा देखा तो चंद्रमा खिल-खिला कर हंसने लगा था। तब भगवान ने चंद्रमा को श्राप दिया कि चतुर्थी के दिन यदि आपको कोई देखेगा तो उस पर झूठा कलंक लग जाएगा। तब चंद्रमा द्वारा प्रार्थना करने पर भगवान ने यह उपाय बताया कि जो व्यक्ति चतुर्थी का चंद्रमा देख लेगा किंतु एक पत्थर चंद्रमा की तरफ देख कर फेंकेगा तो वह कलंक से बच जाएगा। लेकिन शर्त यह रहेगी कि वह पत्थर किसी को नुकसान नहीं पहुंचाए।


पंडित सलिल ने कथा में आगे कहा कि भगवान श्री कृष्ण की आठ पटरानियां थी। जब उन्होंने भोमासर को मारकर 16000 कन्याएं को मुक्त कराया। तब उन सभी कन्याओं से विवाह कर लिया। इस तरह भगवान की 16008 पत्नियां थी। उनकी ये पत्नियों वेद की ऋचाएं व यंत्र थी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के गृहस्थी में यदि कोई बाहर का तीसरा व्यक्ति जरूरत से ज्यादा दखल देने लगता है तो ऐसे व्यक्ति का गृहस्थ जीवन नष्ट हो जाता है। वर्तमान में लोग अपने जूते चप्पल रसोई घर तक ले जाने लगे हैं।

इससे रसोई की बरकत और पवित्रता नष्ट होने लगी हैं।
कथा के समापन पर नागरिकों ने राजेश तिवारी, ममता तिवारी, दिव्यांश तिवारी, श्रेयांश तिवारी का शाल-श्रीफल से अभिनंदन किया। इस अवसर पर अखंड ज्ञान आश्रम के देव स्वरूपानंद जी, इप्का के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट दिनेश सियाल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, श्री गुर्जर गौड ब्राह्मण महिला नगर सभा अध्यक्ष सविता तिवारी, समाजसेवी प्रमोद व्यास, मनोहर पोरवाल, राजेंद्र शर्मा, नवनीत सोनी, नवीन व्यास, सुनील पोरवाल, लादूराम बोहरा, अमर सारस्वत,कपिल व्यास, अनिल पुरोहित, अनीता पाहुजा, राखी व्यास, सुनंदा पंडित सहित नागरिक मौजूद थे। तिवारी परिवार ने कथा में सहयोग करने वाले सभी का सम्मान किया तथा आभार माना। अंत में आरती कर प्रसादी वितरित की गई। संचालन विकास शैवाल ने किया। यह जानकारी राकेश पोरवाल ने दी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.