रेलवे पदोन्नति परीक्षा का पर्चा लीक….सीबीआई गिरफ्तार किए दो अफसर, 17 लोको पायलट सहित 26 के खंगाल रही बैंक अकाउंट, ट्रैकमैन अजहर खान के क्वालीफाई होने पर संदेह
-सीबीआई ने आठ स्थानों पर छापामार कार्रवाई कर जब्त किए 1.17 करोड़ रुपए।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम/ चंदौली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पूर्वी मध्य रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) मंडल में लोको पायलट पदोन्नति परीक्षा का पर्चा लीक करने के मामले में दो वरिष्ठ अधिकारियों, 17 लोको पायलट समेत 26 रेलकर्मियों को गिरफ्तार किया है। मामले में सीबीआई अब अधिकारियों के बैंक खाते भी खंगाल रही है।
जांच एजेंसी ने सोमवार रात चंदौली में आठ स्थानों पर छापा मारकर 1.17 करोड़ रुपये की नकदी, हाथ से लिखे प्रश्न-पत्र की प्रतियां जब्त कीं। परीक्षा मंगलवार को होनी थी। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि सोमवार रात तीन जगहों से 17 लोको पायलटों को लीक प्रश्नपत्र के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया।

फ़ोटो- वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (डीईई) सुशांत पराशर।
प्रश्नपत्र तैयार करने वाले वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (डीईई) सुशांत पराशर और वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी (डीपीओ) सुरजीत सिंह को भी गिरफ्तार किया है।
बता दें कि कुछ माह पूर्व रतलाम रेल मंडल में असिस्टेंट लोको पायलट की विभागीय परीक्षा हुई थी। जिसमें अस्वस्थ ट्रैकमैन अज़हर खान हाथों में मेडिकली पट्टे बंधे होने पर भी जारी लिस्ट में क्वालीफाई हुआ था। इससे विभागीय परीक्षा पर सवाल खड़े हुए थे। फिलहाल अभ्यर्थियों का साइको टेस्ट हुआ है।
बाइक से छापा मारने पहुंची सीबीआई टीम:- जानकारी के मुताबिक रेलवे इंटर कॉलेज में मंगलवार को मुख्य लोको निरीक्षक के 17 पदों के लिए विभागीय परीक्षा होनी थी। परीक्षा में शामिल होने वाले 17 लोको पायलट को नगर के कालीमहाल स्थित एक लॉन और सिद्धार्थपुर कॉलोनी स्थित रेलकर्मियों के घर पर ठहराया गया था। वहीं, इन्हें परीक्षा से एक रात पहले प्रश्नपत्र मुहैया कराए गए। सीबीआई ने सभी से हाथ से लिखे पर्चे जब्त किए हैं। सीबीआई की टीम बाइक से छापा मारने पहुंची और इन लोगों को दबोच लिया।
प्रवक्ता ने बताया कि सीनियर डीईई (परिचालन) पराशर को प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने खुद ही अंग्रेजी में प्रश्न लिखे थे और उन्हें एक लोको पायलट को दे दिया था, जिसने इसका हिंदी में अनुवाद कर एक अन्य अधिकारी को दिया। उसने पर्चा कुछ अन्य रेलवे कर्मचारियों के माध्यम से अभ्यर्थियों को दे दिया। सीबीआई ने पराशर और सुरजीत सिंह के लैपटॉप समेत कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
छह से नौ लाख में दिया प्रश्नपत्र:- सीबीआई के मुताबिक, लोको पायलट से प्रश्नपत्र के एवज में छह से नौ लाख रुपये की वसूली की गई थी। रेल मंडल के एक लोको पायलट ने इसकी शिकायत सीबीआई से की थी। सीबीआई ने संदिग्ध रेलकर्मियों के घरों पर नजर रखी। जरूरी सबूत एकत्र करने के बाद सीबीआई ने कार्रवाई की।
सभी के पास मिले लाखों रुपए, अकेले वेलफेयर इंस्पेक्टर संजय मिश्रा के पास मिले 40 लाख रुपए:- सीबीआई सूत्रों के अनुसार, सीनियर डीईई सुशांत पराशर के आवास से साढ़े तीन लाख रुपये, सीनियर डीपीओ सुरजीत सिंह के आवास से 17 लाख रुपये, वेलफेयर इंस्पेक्टर संजय मिश्रा के आवास से 40 लाख रुपये, रेलकर्मी नीरज वर्मा के आवास से 20 लाख रुपये और बाकी राशि अजीत सिंह व अन्य लोगों के यहां से बरामद हुई। सीबीआई ने यह नकदी जब्त कर ली।
साइको टेस्ट में भी ट्रैकमैन को कर देंगे पास:- रतलाम मंडल में असिस्टेंट लोको पायलट की हुई विभागीय परीक्षा में पिछले माह साइको टेस्ट हुआ। बताया जा रहा कि मारपीट के एक मामले में ट्रैकमैन अजहर पिता मजहर खान के दोनों हाथ पर मेडिकली पट्टे चढ़े थे। लंबी अपसेन्ट के बाद इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी ने एक दिन की उपस्थिति मजूरी के बाद परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी थी। आश्चर्य है कि अजहर खान ने परीक्षा क्वालीफाई कर ली। आशंका जताई जा रही कि ट्रैकमैन को साइको टेस्ट में उत्तिकर दिया जाएगा। इस मामले में यदि सीबीआई दखल देती है तो संभव है अधिकारियों की लिप्तता उज़ागर हो सकती है।
