ट्रेन में झूमाझटकी, दंग रह गए यात्री….जांच को लेकर टीटीई व विजिलेंस इंस्पेक्टर उलझे, इंदौर ले जाकर की पूछताछ
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस के यात्री उस समय चकित रह गए, जब कोच के अंदर तीन टीटीई व दो विजिलेंस इंस्पेक्टर के बीच झूमाझटकी शुरू हो गई। विजिलेंस इंस्पेक्टर अपने नियमित शेड्यूल के मुताबिक टीटीई स्टाफ की चेकिंग के लिए ट्रेन में चढ़े थे। मामला बिगड़ने पर टीटीई को इनके मुख्यालय रतलाम नहीं उतरने दिया। बल्कि इंदौर ले जाया गया। वहां नगदी जांच सहित पूछताछ कर लिखित कार्रवाई की गई।
बता दें कि इस मामले में शामिल एक टीटीई मुनीश मीणा टिकिट चेकिंग एसोसिएशन का अध्यक्ष है।
मामला गुरुवार रात ट्रेन संख्या 14801 जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस का है। इसमें टीटीई (सीटीआई) एमआर सिलावट, कृष्णा व मुनीश मीणा की ऐसी कोच में ड्यूटी थी।
ट्रेन में पश्चिम रेलवे मुम्बई जोन के विजिलेंस इंस्पेक्टर सतीश यादव व विनीत जैन टीटीई की जांच के लिए ढोढर स्टेशन पर कोच में आए। बताया जा रहा है कि विजिलेंस इंस्पेक्टर ने टीटीई से नगदी जांच सहित अन्य पूछताछ करना चाही। टीटीई द्वारा आपत्ति लेने पर मामला गरमा गया। तीखी बहस के बाद विजिलेंस इंस्पेक्टर और टीटीई के बीच झूमाझटकी शुरू हो गई। कोच में अफरा-तफरी होने पर कोच में यात्रियों की भीड़ लग गई। इन्हें कुछ समय मामला समझ नहीं आया।
बात बढ़ने पर विजिलेंस इंस्पेक्टर ने तीनों टीटीई को रतलाम नहीं उतरने दिया तथा तीनों को इंदौर ले जाया गया। वहां पूछताछ कर लिखित प्रकरण तैयार किया गया। बताया जा रहा कि जांच में मिलान करने पर टीटीई कृष्णा के पास राशि कम निकली।
इधर, प्रकरण सीनियर डीसीएम तक फॉरवर्ड होने पर टीटीई स्टाफ के तीनों कर्मचारियों पर विजिलेंस जांच में सहयोग न करने पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
