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बगैर टेंडर, पेटी का टेरर…मजदूरों पर खर्च, पॉइंट्समैन भी उठा रहे पेटियां, दो माह से दोहरा खर्च, समस्या अनसुलझी

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे में गार्ड व ड्राइवर्स की पेटियां (लाइन बॉक्स) गाड़ियों में चढ़ाने को लेकर रेल प्रशासन को दो माह से दोहरा खर्च वहन करना पड़ रहा है। बावजूद जिम्मेदार इसका पुख्ता उपाय नही कर पा रहे है। मजदूरों से ट्रेनों में पेटियां चढ़वाई जा रही। बल्कि इस काम में पॉइंट्समैन को भी जुटाया जा रहा है। मजदूरों पर खर्च के बाद रेलवे के मेन पॉवर का भी दुरुपयोग हो रहा है। समस्या निदान के लिए किसी भी स्तर के अधिकारी सक्षम होते नही दिखाई दे रहे है।
बता दें कि रतलाम मंडल में गार्ड व ड्राइवर की पेटी चढ़ाने-उतारने की व्यवस्था भले ही बंद है। लेकिन कोटा स्टाफ की ड्यूटी ऑन-ऑफ के वक्त पेटियां चढ़वाई जा रही है। रतलाम से गुजरने वाली करीब 100 से 120 ट्रेनों में अभी भी भारी भरकम पेटियां चढ़वाई जा रही है। बड़ी समस्या टेंडर को लेकर आ रही है। जनवरी माह से टेंडर खत्म होने के बाद दूसरी फर्म का ठेका जरूर हुआ। मगर दूसरी फर्म ठेकेदार ने इस काम से नाता ही तोड़ लिया। फिलहाल व्यवस्था हाल-बेहाल है। बावजूद जिम्मेदारी हाथ पर हाथ धरे या आंखे मूंदे बैठे हैं।

इसलिए लगाए जा रहे पॉइंट्समैन:- दरअसल रेलवे द्वारा फिलहाल दिहाड़ी मजदूरों से पेटी उठाने का काम करवाया जा रहा है। इनकी मोनिटरिंग के लिए 24 घण्टे में दो पॉइंट्समैन की ड्यूटी अलग से लगाई जा रही। हालात यह है कि कई बार गैरजिम्मेदाराना रवैये के चले मजदूर इस काम को नहीं कर पा रहे। ऐसे में अधिकांश मौकों पर पॉइंट्समैन को ही पेटियां सिर पर रखकर बोझ उठाना पड़ रहा है।
पिछले गुरुवार को मजदूर के आधी रात में भाग खड़े होने के बाद ऐसी ही स्थिति निर्मित हुई थी।

पॉइंट्समैन द्वारा अभी भी विरोध:- ऑपरेटिंग विभाग द्वारा पॉइंट्समैन को
पेटियों के काम में जुटाने का अभी भी विरोध किया जा रहा है। दरअसल इस कैडर के कई कर्मचारी पदोन्नत होकर टीसी या क्लर्क बन चुके है। जबकि नई भर्ती से तुलनात्मक पॉइंट्समैन की पूर्ति नहीं हो सकी। ऐसे में पॉइंट्समैन कैडर की फिलहाल कमी बनी हुई हैं। वर्तमान जो कार्यरत है, उन्हें शंटिंग सहित सेक्शन के काम भी करने पड़ रहे है। इसे देखते ये विरोध में जुटे है।
इसके दीगर रेलवे को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इधर, स्टेशन के अधिकारियों का मामले में कहना है कि पॉइंट्समैन की सेवा शर्तों में है पेटियां उठाना। इसलिए इस काम की बाध्यता है।

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