-एससीएसटी एसो. मंडल मंत्री आरसी वर्मा को बगैर पास एंट्री नहीं देने पर हुई गहमागहमी।
-बेरिकेडिंग को लेकर ट्रेड यूनियनों द्वारा दमदारी से विरोध नहीं किए जाने पर कर्मचारी खफ़ा।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। दो बत्ती स्थित डीआरएम ऑफिस के पिछले हिस्से से प्रवेश में बेरिकेडिंग करने के बाद वाहनों की पास से एंट्री की व्यवस्था कर्मचारियों को रास नहीं आ रही है। बगैर पास के दो तथा चार पहिया वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित कर दी है। परिसर के खानपान केटिंग के ठीक बाद लगे बेरियर पर आरपीएफ जवानों की रोकाटोकी विवाद की वजह बनने लगी है। मंगलवार को हालात यह बने कि एससीएसटी एसोसिएशन के मंडल मंत्री सीनियर सिटीजन आरसी वर्मा को बगैर पास बाइक से नहीं जाने दिया गया। विवाद की स्थिति निर्मित होने पर मौके पर मौजूद करीब आधा दर्जन आरपीएफ जवान व एसोसिएशन के कार्यकर्ता की बीच खूब हुज्जत हुई।
हालांकि बेरिकेडिंग व्यवस्था लागू करने के पीछे रेल प्रशासन की मंशा बाहर के वाहनों की एंट्री बंद करना है। डाट की पुल एरिया में शासकीय या निजी बैंक के कर्मचारियों द्वारा रेलवे पार्किंग में वाहन खड़े किए जा रहे थे। वहीं बड़ी संख्या में बाहरी लोग भी छोटे बड़े वाहन पार्क करते थे। अब बेरिकेड्स व्यवस्था लागू की गई तो इससे कर्मचारियों, पेंशनरों तथा शासकीय कामों से डीआरएम ऑफिस आने वाले आगंतुकों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। बड़ी बात यह है कि मामले में ट्रेन यूनियन मौन है। हालांकि यूनियन पदाधिकारी द्वारा डीआरएम से मिलने की बात कर आपत्ति दर्ज करने की बात कहीं गई।
करीब 10 मिनट चली गहमागहमी
बेरिकेडिंग होने के बाद दो दिनों से पास एंट्री में सख्ती कर दी गई। दोपहर 12 बजे उस समय विवाद निर्मित हुआ जब ऑल इंडिया एस सी/एस टी रेलवे एम्प्लाइज एसो. के मंडल मंत्री आरसी वर्मा डीआरएम ऑफिस पहुंचे। उनसे पास मांगा गया। इसे लेकर कहासुनी के बाद गहमागहमी बढ़ गई। मौके पर करीब आधा दर्जन आरपीएफ जवान बुलवा लिए गए। यहां तक आरपीएफ ने वीडियो रिकार्डिंग शुरू कर दी। इस बीच वहां से गुजरे आरपीएफ के अधिकारी सीनियर डीएससी को मौखिक शिकायत दर्ज कराई गई। मामले में वर्मा ने बताया कि बेरिकेड्स पर आरपीएफ जवानों का व्यवहार गैर जिम्मेदाराना था। वे विवाद पर उतारू हो गए।
यह आ रही पास में समस्या
दरअसल बेरिकेडिंग के दौरान प्रशासन द्वारा सभी कर्मचारियों को एक-एक स्टीकर पास उपलब्ध कराए गए। यह स्टीकर वाहनों पर चिपकाना अनिवार्य किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकांश सभी एक से अधिक बाइक व स्कूटर का उपयोग करते हैं। बगैर पास स्टीकर वाली गाड़ी से आने पर उनके प्रवेश में रोका जा रहा है। वहीं रोज बड़ी संख्या में पेंशनर, अक्षम व्यक्ति तथा शासकीय कामों से डीआरएम ऑफिस आने वाले लोगों के प्रवेश का कोई विकल्प नहीं है। उन्हें बाहर सड़कों पर या फुटपाथ पर वाहन खड़े कर चलकर आना पड़ रहा है।
कंट्रोल कर्मचारियों के लिए बंद किया पार्किंग
इधर, डीआरएम ऑफिस परिसर के अंदर एसबीआई ब्रांच के पास कंट्रोल कर्मचारियों के पार्किंग था। इसे बेरिकेट्स कर बंद करवा दिया गया। यदि उन्हें इस पार्किंग का उपयोग करना है तो उन्हें डीएससी ऑफिस से आना जाना पड़ेगा या टीआरडी बिल्डिंग की ओर से निकलना पड़ेगा। इस उनके लिए मशक्कत भरा काम होगा।