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CCCTS पदोन्नत्ति में फिर अनियमितता के आरोप….पात्र कर्मचारियों की अनदेखी, यूनियन ने DRM को लिखा पत्र, आदेश निरस्ती की मांग

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे CCCTS कैडर की पदोन्नति के लिए पिछले दिनों हुई विभागीय परीक्षा के बाद पैनल जारी करने में खींचतान बनी रही। दबाव में जैसे-तैसे जारी की गई अंतिम सूची में आपत्तियां दर्ज की गई। इसके बाद दो दिन पहले पोस्टिंग आदेश सूची जारी की गई। यह प्रकिया भी आरोपों के घेरे में आ गई है। इसे लेकर कार्मिक विभाग से लेकर कमर्शियल विभाग के डिलिंग क्लर्क की कार्यप्रणाली पर भी संदेह जताया गया। रेल संगठन इनके खिलाफ मोर्चा खोलने के मूड में आ गए है।
वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉईज यूनियन ने मंडल रेल प्रबंधक को शिकायती पत्र भेजा। इसमें CCCTS पदोन्नति आदेश पर गंभीर आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं। यूनियन का आरोप है कि इस आदेश में वरिष्ठ एवं पात्र कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की गई है। वहीं रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों एवं नियमों का भी जमकर उल्लंघन किया गया है।
यूनियन ने कार्यालय आदेश संख्या ET/839/CCCTS/PROMOTION (E-795736), दिनांक <span;>09.10.2026 का संदर्भ देते हुए उक्त पदोन्नति आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित/निरस्त करने की मांग की। कहा गया कि पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए।
यूनियन मंडल मंत्री मनोहर बारठ का कहना है कि उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार निर्धारित नियमों और वरिष्ठता के सिद्धांतों का पालन किए बिना कुछ कर्मचारियों को पदोन्नति दे दी गई है। जबकि उनसे वरिष्ठ और पात्र कर्मचारी इस लाभ से वंचित रह गए हैं। चयन समिति द्वारा अपनाए गए मानदंडों, पात्रता के निर्धारण और वरिष्ठता सूची की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो।
पदाधिकारी ने आशंका जताई है कि पदोन्नति प्रक्रिया में लागू रेलवे बोर्ड के स्थापना नियमों और पश्चिम रेलवे के प्रशासनिक निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया है।
यदि जाँच में प्रक्रियागत त्रुटियाँ या नियम विरुद्ध निर्णय प्रमाणित होते हैं। तब जिम्मेदार अधिकारियों पर उत्तरदायित्व तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी:- यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों के सेवा हितों और निष्पक्ष पदोन्नति प्रक्रिया से समझौता नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन इस गंभीर विषय पर समयबद्ध और संतोषजनक कार्रवाई नहीं करता है। तब यूनियन अपने सदस्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए उच्च अधिकारियों के समक्ष मामला उठाने सहित वैधानिक एवं संगठनात्मक कदम उठाने को बाध्य होगी। जिसकी पूरी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी।

डीआरएम के समक्ष यह आपत्ति:-

– 09.10.2026 के पदोन्नति आदेश के आगे के क्रियान्वयन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
-शामिल सभी कर्मचारियों की वरिष्ठता, पात्रता और सेवा अभिलेखों की निष्पक्ष जाँच कराई जाए।
– अनियमितता प्रमाणित होने पर पुराने आदेश को निरस्त कर नियमों के अनुरूप नया संशोधित पदोन्नति आदेश जारी किया जाए।
– इस प्रकरण में की गई प्रशासनिक कार्रवाई और समीक्षा के परिणाम से यूनियन को लिखित में अवगत कराया जाए।

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