अंधेरी नगरी चौपट राजा, ये कैसा न्याय….पहले पर तबादले की मेहरबानी, दूसरे पर कार्रवाई के बजाय उपकृत, तीसरा लूंगी पहनने पर भुगत रहा सज़ा
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम रेल मंडल के विभागों में अंधेरी नगरी चौपट राजा जैसा राजपाठी प्रशासन आम कर्मचारियों के समझ से बाहर बल्कि परेशानी की वजह बनाता जा रहा है। किसी मामले में एक कर्मचारी को छोटी गलती पर बड़ी सज़ा दे दी गई। किसी को बड़ी गलती पर उल्टा उपकृत किया जा रहा है। वहीं तबादलों के मामले में आर्थिक शिकायतों के बावजूद भी सेटिंग कर दूसरी कमाई वाली टेबलों पर बिठाने की तैयारियां की जाने लगी है।
सवैधानिक प्रकिया के तहत शासकीय कामकाज चलाने के हमारे देश में सर्वमान्य नियम है। बावजूद बड़े उपक्रम वाले शासकीय रेल विभाग में ऐसी मनमानियां समझ से परे है। इसे देखने, रोकने या लगाम कसमें वाला दूर तक कोई जिम्मेदार नज़र नहीं आ रहा है। ऐसे अनेक केस है, जिनमें अफसरों की मेहरबानी से कर्मचारी की पॉकेट गुलज़ार हो रही तो किसी पर कुदृष्टि से उनका जीवन खराब भी हो रहा है।

एक नही अनेक मामले:- पिछले साल वर्ष 2025 में दुष्कर्म के आरोप में चर्चा में आए ट्रैकमैन अजहर खान पर पीड़िता की शिकायत पर स्टेशन रोड थाना पर पुलिस कार्रवाई हुई। ट्रैकमैन कर्मचारी की बगैर सूचना विभाग में लंबी अनुपस्थिति रही। बावजूद इंजीनियरिंग विभाग द्वारा इसे नोटिस जारी करने के बजाय नियमों की आड़ में पदोन्नति के रास्ते खोल दिए गए। ढाई माह की अनुपस्थिति के बाद कर्मचारी को बाकायदा एक दिन के लिए ज्वाइन कराया। कर्मचारी ने असिस्टेंट लोको पायलट की परीक्षा दी। इसके बाद क्वालीफाई होकर बेख़ौफ़ कर्मचारी मेडिकल की प्रकिया भी पूरी करने में जुटा है। बड़ी बात यह है कि हाथों में पट्टी बांधकर कर्मचारी ने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। बल्कि मेडिकल की प्रकिया में भी उसे सफल कर दिया जाएगा। बताया जा रहा कि कर्मचारी ने उल्टे विभाग में एसएसई नार्थ पर आरोप लगाकर प्रशासन से शिकायत की। बल्कि खबरों के प्रकाशन पर भी ब्लैकमेल के आरोप लगाए गए।

टेंडर सेल से टेंडर सेल की टेबल पर तबादले की जुगाड़:- इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अन्य मामले में कर्मचारी के पिरियोडिकल तबादले के बावजूद इसे रिलीज़ नहीं करने की बात सामने आई है। विभाग में टेंडर सेल में कार्यरत ओएस (कार्यालय अधीक्षक) आरपी मीणा का तबादला मंडल के पिपलोद में हुआ था। बड़ी अनदेखी सामने आई कि मीणा के तबादले पर अन्य कर्मचारी टेबल सेल की टेबल पर कई माह पहले ज्वॉइन हो गया। इसके बावजूद टेंडर सेल से मीणा को रिलीव नहीं किया। बल्कि एक ही टेबल पर लंबे समय तक दोनों कर्मचारी काम करते रहे। बताया जा रहा कि सांठगांठ के चलते अब ओएस मीणा मंडल कार्यालय परिसर के निर्माण विभाग में टेंडर टेबल जहां करोड़ों रुपए के बिल पास होते है, वहां तबादले की जमावट में सक्रिय है।

महज लूंगी पहनकर पेश होने वाले डब्ल्यूएलआई को दे दी 12 माह निलंबन की सजा:- एक ओर बड़ी गलतियों के बावजूद क्लीन चिट देने वाले सिस्टम में एक कर्मचारी को छोटी सी गलती पर बड़ी सजा दे दी गई। दरअसल इंदौर में रेलवे रेसिडेंस होस्टल के इंचार्ज रहे सीडब्ल्यूएलआई (मुख्य कल्याण निरीक्षक) फ़ख़रे आलम को लूंगी पहनकर अधिकारियों के सामने आना महंगा पड़ गया। अधिकारी होस्टल के निरीक्षण के लिए रतलाम से इंदौर पहुंचे थे। जिन्हें सफाई व गंदगी के नाम पर कुछ खाली पाउच फैले दिखाई दिए। फ़ौरन होस्टल परिसर में ही रहने वाले इंचार्ज फ़ख़रे आलम को तलब कर दिया गया। तभी यथास्थिति घर से लुंगी पहने भागते मौके पर पहुंचे फ़ख़रे पर तिलमिलाए अधिकारी ने निलंबन की सज़ा सुना दी। बताया जा रहा कि छह माह पूरे होने के बाद पिछले दिनों रिव्यु टीम के अधिकारियों द्वारा डीआरएम को फाइल पेश की। इस पर डब्ल्यूएलआई फ़ख़रे के निलंबन की अवधि अगले छह माह के लिए बढ़ा दी गई।
