Logo
ब्रेकिंग
बेडमिंटन हॉल का ये हाल.....दारूबाजों का खेल बिगाड़ने पहुंची आरपीएफ,  ड्राइव सर्व पर भारी बिजली बिल रतलाम के इंजीनियर वेदांत का लंदन में कमाल.... विश्व के सबसे पुराने ग्रैंड स्लैम विंबलडन आयोजन में अह... रेलवे बेडमिंटन हॉल में गेम..... यहां शटल कॉक के बजाय शराब की बोतल व पैक, दारू पार्टी का अड्डा बना को... RE-NEET 2026 : बायोलॉजी आसान, केमिस्ट्री औसत लेकिन फिजिक्स रही थोड़ी मुश्किल रिटायरमेंट के बाद हर दिन योगा दिवस.....पूर्व डीसीटीआई अनिल उपाध्याय की गुड मॉर्निंग अब योगा से ही रतलाम में थाना प्रभारी रहे आनंद तोमर को लंदन में महाराणा प्रताप सम्मान नामली में सहकारिता की नई मिसाल: पहली बार सरकारी दर पर मिला प्रमाणित सोयाबीन बीज, किसानों में खुशी की... ट्रेन में बिना टिकिट है तो 250 के बजाय 500 रुपए देना पड़ेगा जुर्माना, नशे में हंगामा करना या भीख मांग... पहली पायदान के लिए छेड़ेंगे सुर....रतलाम आइडल ग्रेंड फिनाले एवं प्रतिभा सम्मान समारोह आज शाम संतों के करकमलों से संत आचार संहिता एवं मार्गदर्शिका’ पुस्तक का विमोचन

गुरु तेग बहादुर बोलया ‘धर पइए धर्म न छोड़िए’…आज सुबह अखंड पाठ साहब की समाप्ति अरदास, दोपहर में बरतेगा अटूट लंगर

-अरविंद मार्ग स्थित श्री गुरू तेग बहादुर एकेडमी में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा प्रकाश पर्व
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति द्वारा श्री अरविंद मार्ग पर श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी परिसर में हर्षोल्लास से मनाए जा रहे तेग बहादुर जी का प्रकाश पर्व हर्षोल्लास के नियमित क्रम में सोमवार को सुबह अखंड पाठ साहब की समाप्ति अरदास होगी। दोपहर 1.30 बजे समाप्ति के पश्चात गुरु का अटूट लंगर बरतेगा ।
इससे पहले 28 अप्रैल को एकेडमी परिसर के खालसा सभागृह में ज्ञानी मानसिंह व पथ प्रसिद्ध कीर्तनी भाई जसकरण सिंह पटियाला वाले व साथी फतेह सिंह चाँद सिंह द्वारा कीर्तन कर सँगत को निहाल किया गया। संगत को अपनी सुमधुर वाणी से जोड़ा। इसके पश्चात गुरु का अटूट लंगर बरता।

हिंदू धर्म की रक्षा के लिए तेग बहादुर जी का सर्वस्व बलिदान

बताया गया कि भारत वर्ष का इतिहास अनेक बलिदानियों के बलिदान से भरा हुआ है। जब बात मानवता की रक्षा की शहादत के लिए देने की आती है तो सिखों के नवे गुरु तेग बहादुर जी की शहादत का अनुपम उदाहरण दुनिया के सामने रहता है।
गुरु तेग बहादुरजी ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान दिया तथा समाज से आह्वान किया की ड़र और भय से कभी भी अपना धर्म नहीं छोड़ना चाहिए। ”गुरु तेग बहादुर बोलया धर पइए धर्म न छोड़िए” लोगों के मन से आता ताइयों का डर और भय समाप्त करने के लिए उन्होंने स्वयं अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे ।
आपका जन्म अप्रैल 1621 में पंजाब में अमृतसर में माता नानकी और गुरु हरगोविंद सिंह के घर पर हुआ था ।

ये समिति सदस्य रहे मौजूद

इस मौके पर समिति अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह डंग, उपाध्यक्ष हरजीत सिंह चावला, कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह वाधवा, प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह भामरा, समिति सदस्य सतपाल सिंह डंग, हरजीत सलूजा,धर्मेंद्र गुरु दत्ता, समाज के कुलवंत सिंह सग्गू, अमरपाल वाधवा, गगनदीप सिंह डंग सहित समाजजन मौजूद थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.