Logo
ब्रेकिंग
8लेन की सड़क बनी ओपन डीज़ल प्लांट.... दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बायोडीजल से भरा टैंकर पलटा, चालक घाय... तबादलों के खेल में फुटबॉल बने कर्मचारी?.... रतलाम DRM ऑफिस का कार्मिक विभाग सुर्खियों में, गोपनीय शा... एमजे रेल रोड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर एवं हम-लोग संस्था के अध्यक्ष सुभाष जैन को मिला रतलाम गौरव... लीकेज से मिली राहत: सीआईजी के निरीक्षण के बाद 50 से अधिक क्वार्टरों में शेड लगाने का काम शुरू केबिन की कहानी का ऐसा अंत, "झगड़ा झूठा, कब्जा सच्चा", बाबा सोमनाथ का ऐसा महाराष्ट्र प्रेम...चंदा उगा... राहत मिली लेकिन उलझन बरकरार....इंदौर रेलवे हॉस्टल बंद करने के आदेश पर कर्मचारी नेताओं के साथ DRM से ... संत श्री हरीराम जी शास्त्री के नेपाल चतुर्मास प्रवास की पूर्व संध्या पर खाटु श्याम भजन संध्या रतलाम के पुष्कर ने विपरीत परिस्थितियों को बनाया अवसर, Re-NEET में बढ़ाए अंक, अब MBBS की सीट सुनिश्चि... टीटीई से विवाद के बाद चलती ट्रेन से गिरा यात्री, दोनों पैर कटे; टीटीई पर मारपीट का आरोप रतलाम रेलवे स्टेशन: अवैध वेंडर्स के बीच फ़ास्ट फूड का खेल... उड़ा रहे नियमों की धज्जियाँ, हर कोच में प...

ये कैसा परीक्षा केंद्र….20 मीटर दूर टॉयलेट, विद्यार्थी तनाव में, एक्जामिनर ले रहे लंच ब्रेक के मजे

-केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्र में लचर व्यवस्था से परीक्षार्थी परेशान

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम मुख्यालय से करीब 6 किमी दूर स्थित केंद्रीय विद्यालय में बोर्ड परीक्षा का मात्र ऐसा केंद्र है। जहां परीक्षा में तनाव के चलते भले ही बच्चों की भूख-प्यास हवा हो रही है। लेकिन 3 घंटे की ड्यूटी के दौरान ही एक्जामिनर ने अपना लंच ब्रेक अनिवार्य कर लिया है। परीक्षा के दौरान दूसरी बदइंतजामी और अलग है। जिससे परेशान परीक्षार्थी खुलकर मुखर होने लगे है। इसके दीगर इन अव्यवस्थाओं की जानकारी स्कूल प्राचार्य से ली गई। तब सवालों से घिरे वे अपने बचाव में कुछ आरोप स्वीकारे तो कुछ को नकारते चले गए।
दरअसल सागोद रोड स्थित केंद्रीय विद्यालय को भी 10वीं व 12वीं का परीक्षा केंद्र बनाया है। शिक्षा विभाग की व्यवस्था के मुताबिक श्री गुरू तेग बहादुर एकेडमी के करीब 130 बच्चें वहां परीक्षा देने जा रहे है। लेकिन परीक्षा केंद्र की लचर व्यवस्था व बदइंतजामी का शिकार विद्यार्थियों को होना पड़ रहा है।

20 मीटर दूर टॉयलेट, समय का व्यवधान

परीक्षार्थियों व पालकों ने बताया कि परीक्षा के दौरान टॉयलेट तक के सुगम इंतजाम नहीं है। स्कूल से बाहर आकर 20 से 25 मीटर दूर तक जाना-आना पड़ रहा है। परीक्षा मानक के मुताबिक टेबल कुर्सी भी नहीं। बैठने पर फ़ांस चुभ रही है। जबकि परीक्षा के लिए स्कूल का अच्छा फर्नीचर भी है। इसका उपयोग में किया जा सकता था। परीक्षा केंद्र पर एकेडमी टीचर्स के अलावा केंद्रीय विद्यालय के स्टाफ की भी ड्यूटी लगाई जा रही है। बच्चों के मुताबिक सुबह 10 बजे कक्ष में पहुंचकर रिपोर्ट करना होती है। सुबह 10.30 से दोपहर 1.30 तक परीक्षा का समय रहता है। वहां ड्यूटी दे रहे स्टाफ के एक्जामिनर्स बोर्ड परीक्षाओं को लेकर गंभीर नहीं लगते है। क्योंकि इन 3 घंटे के अंतराल में लगभग 12 बजे एक्जामिनर को भूख लगने लगती है। ऐसे में किसी अन्य को कक्ष में खड़ा कर करीब आधे घंटे के लिए लंच ब्रेक के लिए निकल जाते है। इसकी सच्चाई वहां लगे सीसीटीवी कैमरे आसानी से उगल सकते है।

मामले को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं

दरअसल शासकीय स्कूलों की व्यवस्थाओं में केंद्रीय स्कूल में पढ़ाई, स्तरीय स्टाफ सहित मैनेजमेंट पुख्ता रखने के सरकार के निर्देश है। वर्तमान में बोर्ड परीक्षाओं के सीबीएसई द्वारा केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य को केंद्र अधीक्षक तथा सहायक केंद्र अधीक्षक नई तैनाती की गई है। इसके लिए सीबीएसई द्वारा 3 घंटे ड्यूटी के लिए पृथक से भुगतान भी किए जाने के इंतजाम है। इसके विपरीत परीक्षाओं के लिए व्यवस्था माकूल व स्टाफ गम्भीर न रहने से सवाल खड़े होने लगे है।
इधर, मामले केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य रामदयाल चंदेल का कहना है कि परीक्षा के पहले से स्कूल बिल्डिंग का रिनोवेशन शुरू कर दिया था। करीब 20 मीटर की दूरी पर टॉयलेट के इंतजाम है। स्टाफ द्वारा परीक्षा के बीच मे लंच ब्रेक लेने की जानकारी नहीं है। इसके बारे में पूछताछ की जाएगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.