रतलाम में पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद् का 24वाँ ज़ोनल अधिवेशन 25 को…., पुरानी पेंशन और 8वें वेतन आयोग समेत उठीं कई माँगे
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद् का 24वाँ ज़ोनल अधिवेशन आगामी 25 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। अधिवेशन की तैयारियों एवं रेल कर्मचारियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर रविवार दोपहर होटल उजाला पैलेस में परिषद् द्वारा एक पत्रकार वार्ता आयोजित की गई।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए ज़ोनल संगठन महामंत्री शिवलहरी शर्मा ने बताया कि अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर मौजूद रहेंगी। वहीं, विशिष्ट अतिथि के तौर पर रेलवे संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं मंदसौर-नीमच सांसद सुधीर गुप्ता तथा मध्यप्रदेश शासन के राज्यमंत्री चेतन्य काश्यप उपस्थित रहेंगे।
कर्मचारियों के हितों और सुरक्षित कार्य वातावरण पर ज़ोर:- संगठन महामंत्री शिवलहरी शर्मा ने कहा कि रेल कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान और उन्हें सुरक्षित व सम्मानजनक कार्य वातावरण दिलाना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1965 में भारतीय रेल मजदूर संघ की स्थापना हुई थी। संगठन के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़े द्वारा वर्ष 1967 में राज्यसभा में आवाज़ उठाने के बाद ही बोनस की सीलिंग लिमिट 3500 रुपए तय की थी। बाद में इसे बढ़ाकर 7000 रुपये करवाई गई थी।
पत्रकार वार्ता में परिषद् पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 25 अक्टूबर को होने वाले ज़ोनल अधिवेशन में इन सभी माँगों पर गहन चर्चा कर आगामी रणनीति तय की जाएगी।
इस अवसर पर मंडल मंत्री पुष्पेंद्र पाराशर, मंडल अध्यक्ष मुकेश मीणा, कार्यकारी मंडल अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह राठौड़ तथा सहायक मंडल मंत्री एवं मीडिया प्रभारी धीरज प्रजापति मुख्य रूप से उपस्थित रहे। साथ ही डीआरयूसीसी मेंबर अनिल उपाध्याय, रामफूल मीणा, अनिल ओझा, रवि मीणा, बाबूलाल मीणा, धर्मेंद्र सैनी सहित परिषद के पदाधिकारी मौजूद रहे।
अधिवेशन में प्रमुखता से उठेंगी ये 10 मुख्य माँगे:
– OPS की बहाली: एनपीएस/यूपीएस की जगह पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू किया जाए।
– वर्तमान वेतन पर बोनस: बोनस की गणना पुराने ढर्रे के बजाय कर्मचारी के वर्तमान वेतन दर के आधार पर हो।
– 8वाँ वेतन आयोग: 8वें वेतन आयोग का शीघ्र गठन हो तथा इसमें वेतन की गणना 4 यूनिट के स्थान पर 6 यूनिट मानकर की जाए।
– राजपत्रित दर्जा: सीनियर सुपरवाइजरों को राजपत्रित (Gazetted) अधिकारी का दर्जा दिया जाए।
– नये पदों का सृजन: रेलवे में स्टाफ कटौती बंद कर वर्तमान रेल संचालन और आवश्यकता के अनुरूप नये पदों का सृजन किया जाए।
– माता-पिता को आश्रित सुविधा: कर्मचारियों के बच्चों की तरह उनके माता-पिता को भी आश्रित मानकर सभी मेडिकल व रेलवे सुविधाएँ प्रदान की जाएँ।
– निजी अस्पतालों में इलाज: रेल कर्मचारियों व परिजनों को निजी डॉक्टरों एवं चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।
– सेफ्टी व हार्ड वर्किंग अलाउंस: रेल संचालन से जुड़े सभी विभागों के कर्मचारियों को सेफ्टी एवं हार्ड वर्किंग अलाउंस दिया जाए।
– LDC परीक्षा Open to All: विभागीय पदोन्नति (LDC) परीक्षा को सभी 1800 पे-ग्रेड वाले कर्मचारियों के लिए ‘Open to All’ किया जाए ताकि आरआरबी से आए कर्मचारियों को आगे बढ़ने का मौका मिले।
– 8 घंटे की ड्यूटी: 12 घंटे के अमानवीय रोस्टर को समाप्त कर सभी कर्मचारियों के लिए 8 घंटे की ड्यूटी लागू की जाए।
