रेलवे में लाखों का ऐसा मेंटेनेंस और डेवलपमेंट, 15 दिन पहले लगे ब्लॉक धंसे, मटेरियल तो माशाअल्लाह, अफसरों की अनदेखी से गुणवत्ता तार-तार
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे मंडल में लाखों रुपए के टेंडर के तहत चलाए जा रहे विभिन्न लचर डेवलपमेंट और घटिया मेंटेनेंस चलते इन कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। क्योंकि रेल अधिकारियों के पनाहों में पल रहे ठेकेदार मनमाने काम करने पर आमादा है।
अफ़सरो के साथ मेलजोल, काम में अनदेखी और मॉनिटरिंग की कमी ने सिस्टम को खोंखला कर दिया है। इसके चलते ठेकेदार अपने स्तर पर घटिया निर्माण और सामग्री के इस्तेमाल करने में पूरी तरह से निर्भीक बन गए है। ऐसे में अब रेल तंत्र भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरता नजर आ रहा है। सवाल यह भी है कि एक फर्म और ठेकेदार को सालों से किस मापदंड के तहत काम दिए जा रहे है।

15 दिन में धंसे पेवर ब्लॉक, उबड़-खाबड़ टाइल्स:- कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेलवे अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर महज 15 दिन पहले लगाए गए पेवर ब्लॉक अभी से धंसने लगे हैं। आनन-फानन में इन्हें जैसे-तैसे उबड़-खाबड़ बिछा दिया गया। यही हाल डीआरएम ऑफिस की दूसरी मंजिल और रेलवे क्वाटर्स में लगाई जा रही टाइल्स वर्क का है। जिनके नीचे इस्तेमाल किए जा रहे मटेरियल और मसाले के मिश्रण पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसकी कहानी आगामी दिनों में आसानी से देखी जा सकेगी।
किचन मेंटेनेंस और अफसरों के चेंबर में भी लापरवाही:- रेलवे कॉलोनियों में चल रहे किचन मेंटेनेंस के कामों में भी बेहद घटिया सामग्री इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। ताज्जुब की बात यह है कि लापरवाही केवल कॉलोनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि रेलवे अफसरों के चेंबर और रेलवे ऑफिस बिल्डिंग में भी घटिया निर्माण साफ देखा जा सकता है।

पीएनएम में घिर चुके हैं जिम्मेदार अफसर:- रेलवे क्वाटर्स के मेंटेनेंस में अनदेखी को लेकर पिछले दिनों रेल संगठन की पीएनएम बैठक में खूब हंगामा बरपा था। इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख सीनियर डीईएन (कोर्डिनेशन) पीयूष पांडे को क्वाटर्स मेंटेनेंस में बरती जा रही ठिलाई को लेकर आड़े हाथों लिया गया था। इसके बावजूद अब ज़मीनी स्तर पर काम की गुणवत्ता में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है।
लाखों रुपए के बजट के बावजूद इस तरह के निम्नस्तरीय निर्माण कार्य से रेल कर्मचारियों और यूनियनों में भारी आक्रोश है। अब देखना यह होगा कि मामले के तूल पकड़ने के बाद वरिष्ठ अधिकारी ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई करते हैं।

इन ठेकेदारों और क्षेत्रों में चल रहा है काम
कॉलोनी व रेलवे क्षेत्र में प्रमुख रूप से निम्न ठेकेदारों द्वारा काम कराया जा रहा है:
बालाजी पिनकोन: किचन मेंटेनेंस का काम।
यादव ब्रदर्स (उज्जैन): डीआरएम ऑफिस, जेसी बैंक के पास क्वाटर्स की बाउंड्री में फ्लोरिंग प्लास्टर व रेलवे अस्पताल क्षेत्र का काम।
एच. एल. पासी, राजेंद्र सिंह एंड कंपनी विभिन्न मेंटेनेंस व कोर्टयार्ड की दीवार का निर्माण।
अरिहंत एंटरप्राइजेज (मोदी):<span;> एडीआरएम ऑफिस एडीआरएम के चेंबर, टीएनसी ऑफिस बिल्डिंग तथा आरई संप के सामने स्थित टीआरडी ऑफिस में काम।
