आधे घंटे में खातों में ट्रांसफर बोनस राशि…भारतीय रेलवे में रतलाम मंडल सिरमौर, रिकॉर्ड समय में किया भुगतान, सीलिंग लिमिट न बढ़ाने पर रोष भी
(फ़ोटो- वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक नूपुर चौधरी के साथ त्वरित बोनस भुगतान की टीम।)
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। भारतीय रेलवे के कर्मचारियों के लिए एक तरफ जहां दिवाली और त्यौहारों से पहले बोनस का पैसा रिकॉर्ड गति से उनके खातों में पहुँचने की खुशी है, वहीं दूसरी तरफ बोनस की सीलिंग लिमिट (अधिकतम सीमा) में बढ़ोतरी न किए जाने को लेकर सरकार के खिलाफ असंतोष भी सुलग रहा है।
वेस्टर्न रेलवे ने इस बार देश में पहला स्थान प्राप्त करते हुए सबसे पहले अपने कर्मचारियों के खातों में बोनस की राशि ट्रांसफर की है।
आधे घंटे के भीतर हुआ 21.34 करोड़ का भुगतान:- पश्चिम रेलवे मुंबई मुख्यालय से आदेश मिलते ही प्रत्येक रेल कर्मचारी के खाते में 17,951/- रुपए की राशि मात्र आधे घंटे के भीतर पास कर दी गई। वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक नूपुर चौधरी के नेतृत्व में जिसकी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। कुल 12,162 कर्मचारियों को भुगतान किया गया। जिसके तहत कुल 21.34 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई।
वरिष्ठ लेखाकर गौरव दुबे ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को सीनियर डीएफएम चौधरी के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। इस दौरान लेखा विभाग से एडीएफएम जेठमल रैगर, कृष्ण कुमार, राजेश मीणा, एसएसई आईटी रघुनाथ महतो, अब्दुल मलिक कुरैशी, सीनियर एसओ सुरेश शर्मा, विजय यादव, सीनियर अकाउंटेंट गौरव दुबे, कनकलता सिंह, अंकिता सिंह, सुरेखा रामावत, गुमान सिंह, भीम सिंह बिष्ट, अर्पित परदेशी, किशोर मीणा, इरफान मंसूरी और राहुल टटवाडे सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। आईटी प्रमुख रघुनाथ मोहतो की त्वरित कार्रवाई के बाद स्टाफ की मुस्तैदी ने काम किया, इसके चलते इस बार भी रतलाम मंडल द्वारा भारतीय रेलवे में यह भुगतान सबसे पहले नंबर पर पूरा किया है।
यूनियन ने जताई नाराजगी, कहा- सरकार अपना रही मनमाना रवैया:- एक तरफ जहां त्वरित वित्तीय प्रबंधन की सराहना हो रही है। वहीं दूसरी तरफ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के महू शाखा सचिव कैलाश भारती ने बोनस भुगतान की सीलिंग लिमिट नहीं बढ़ाए जाने पर सरकार के खिलाफ तीखा असंतोष व्यक्त किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार रेल कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। यूनियन द्वारा लगातार बोनस सीमा बढ़ाए जाने के लिए संघर्ष किया जा रहा है। किंतु सरकार इस मामले में मनमाना रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों में सरकार के प्रति लगातार रोष और असंतोष व्याप्त हो रहा है। कर्मचारी सरकार के इस कथित तानाशाही रवैए का शिकार हो रहे हैं।
