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ये यात्री सुविधा के इंतजाम या खूद का लाभ….हम निवाला बनाकर डकार रहे रेलवे फंड।

न्‍यूज जंक्‍शन-18
रतलाम। महंगी टिकिट पर ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेल मंत्रालय द्वारा भले ही करोड़ों रुपए साल का फंड जारी किया जा रहा है। मगर सिस्टम में बैठे जिम्मेदारों द्वारा कमिशनबाजी का हम निवाला कर फंड की खूब चपत लगाई जा रही है। इसकी मुख्य वजह यात्री सुविधा से जुड़ी सामग्री की खरीद के काम में सालों से एक ही कर्मचारी यानी सीएमआई को इसकी जिम्मेदारी देना है। कमीशनबाजी का यह खेल सालों से बदस्तूर जारी है। बल्कि यात्री सुविधा के नाम पर हर साल फंड बढ़ने से ऐसे कर्मचारियों की और भी पौ-बारह होने लगी है।
वाणिज्य विभाग में कर्मचारियों का आरोप है कि वैभव उपाध्याय जैसे सीएमआई सालों से एक ही टेबल पर जमे है। उपाध्याय ने अपने काम में सिद्धस्तता हासिल कर ली है। यात्री सुविधा से जुड़ी सामग्री की खरीदी में फंड का बखूबी उपयोग किया जा रहा है।

आरोपों को कर दिया निराधार:- कर्मचारी बताते है कि ये वाणिज्य निरीक्षक बने है, तबसे मंडल कार्यालय में ही पदस्थ है। यानी पिछले 15 वर्षों मंडल कार्यालय के बाहर तबादला नहीं हुआ है। हालांकि भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगे तो निलंबन की कार्रवाई भी हुई। फौरी तौर पर चार्जशीट भी जारी की गई थी। लेकिन मंडल कार्यालय से स्थानांतरण नहीं किया गया। इसकी भी मुख्य वजह हर कार्यकाल के अफसरों की भरपूर सेवा बताई जा रही है। सूत्र यहां तक बताते है कि पूर्व डीआरएम के घर मांगलिक आयोजन में गुपचुप खूब चंदा वसूली की गई। हालांकि पूर्व डीआरएम के संज्ञान में बातें आने पर तबादलें की गाज भी गिरी थी। लेकिन विभाग प्रमुख द्वारा बचाव कर लिया गया। पीआरओ खेमराज मीणा से पिरियोडिकल तबादले की जानकारी लेने पर उन्होंने कहा कि यह पर्सनल विभाग से जुड़ा मामला है।

ऐसी अनियमितताएं आम संज्ञान में:-

-ऑफिस या स्टेशन के नाम पर खरीदी में से कई सामग्री की सीधे बंगलों या घरों में लोडिंग।

-पार्टी, फर्म या कंपनी से आला अधिकारियों के नाम से उपहार की मांग व बाद में बंटवारा।

-कागजों में वाणिज्य विभाग के ट्रांसफर-प्रमोशन की टेबल नहीं दी गई है। बावजूद ट्रांसफर प्रमोशन के काम में भी दखल।

– ई-ऑफिस की आईडी महिला कर्मचारी के पास भले ही है। लेकिन शासकीय काम में महिला कर्मचारी का डमी के रूप में उपयोग। क्योंकि 18 साल से महिला कर्मचारी द्वारा यूटीस/पीआरएस की टेबल पर काम किया है। इसलिए वर्तमान के मूल काम का सीएमआई द्वारा दखल।

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