कॉलर पकड़ने वाला सिंग्नल फेलियर मेमो…. मोरवानी रेलवे स्टेशन पर सिग्नल मेमो को लेकर स्टेशन मास्टर व जेई में विवाद, एक ने दूसरे की पकड़ ली कॉलर, CCTV में कैद हुई घटना
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के अंतर्गत आने वाले मोरवानी रेलवे स्टेशन पर रेलवे के दो जिम्मेदार कर्मचारियों के बीच विवाद का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।सिग्नल फेलियर के एक मेमो को लेकर स्टेशन मास्टर और सिग्नल विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) के बीच तीखी झड़प हो गई, जो हाथापाई और कॉलर पकड़ने तक पहुंच गई। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?:- जानकारी के अनुसार, रेलवे ट्रैक पर लगे सिग्नल में तकनीकी खराबी (सिग्नल फेलियर) की सूचना मिली थी। इस पर सिग्नल विभाग के जेई यश व्यास और अन्य कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और खराबी को दुरुस्त किया।
सुधार कार्य के बाद औपचारिकता पूरी करने के लिए जेई यश व्यास स्टेशन मास्टर के कमरे में पहुंचे। ‘सिग्नल फेलियर का मेमो’ (विभागीय दस्तावेज जिसमें खराबी का रिकॉर्ड रहता है) मांगने लगे। इसी मेमो के आदान-प्रदान और बातचीत के दौरान दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।
कॉलर खींचने और गला पकड़ने का आरोप:- विवाद इतना बढ़ा कि स्टेशन मास्टर सुभाष यादव और जेई यश व्यास आमने-सामने आ गए। आरोप है कि गुस्से में आकर स्टेशन मास्टर ने जेई की टी-शर्ट की कॉलर पकड़ ली और खींचते हुए उनका गला पकड़ने की कोशिश की। अचानक हुए इस घटनाक्रम से स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया।
स्थिति को बिगड़ते देख मौके पर मौजूद अन्य रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत बीच-बचाव किया और दोनों को अलग कर मामला शांत कराया। गनीमत रही कि समय रहते अन्य कर्मियों ने हस्तक्षेप कर लिया, वरना विवाद और गंभीर रूप ले सकता था।
CCTV में कैद हुई करतूत:- स्टेशन मास्टर के कमरे के बाहर और अंदर की यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ-साफ रिकॉर्ड हो गई है। रेलवे कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय की कमी और इस तरह के लड़ाकू रवैये को लेकर अब उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंची है।
