न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। सैलाना रोड स्थित राजबाग कॉलोनी में उमंग राजबाग गरबा समिति के तत्वावधान में आयोजित गरबोत्सव के दौरान एक प्रेरणादायक और अनूठा कार्यक्रम देखने को मिला। यहां महामाया गरबा उत्सव के तीसरे दिन मां जगदम्बे और भारतमाता की आरती के बाद 200 बालिकाओं व महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए तलवारें तथा आत्मबल व वैदिक संस्कृति से जुड़ने के लिए वैदिक पुस्तकें वितरित की गईं।

यह पूरा आयोजन पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी आनंद गिरि जी महाराज (पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा) के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ।
संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी आनंद गिरि जी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए बालिकाओं के लिए ‘शास्त्र’ और ‘शस्त्र’ दोनों का ज्ञान होना आवश्यक है। शास्त्र हमें ज्ञान, संस्कार और सदाचार की सही दिशा प्रदान करते हैं। वहीं शस्त्र।आत्मरक्षा, साहस और राष्ट्रधर्म के प्रति जागरूकता के प्रतीक हैं।
उन्होंने बालिकाओं से आह्वान किया कि वे सनातन संस्कृति के संस्कारों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें।

भारतीय संस्कृति का संदेश, स्वदेशी अपनाने पर जोर:- गुरुदेव ने आगामी त्योहारों (विशेषकर दीपावली) के संदर्भ में स्वदेशी अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विदेशी संस्कारों को अपनाने के बजाय हमें अपनी समृद्ध परंपराओं और स्वदेशी जीवनशैली को प्राथमिकता देनी चाहिए। स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने से न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहती है, बल्कि देश के स्थानीय कारीगरों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां जगदम्बे और भारतमाता की महाआरती के साथ हुआ। जिसमें भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, एमआईसी सदस्य भगतसिंह भदौरिया, भाजपा नेत्री सोना शर्मा, डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी मंडल की महामंत्री भावना गुर्जर और अन्य गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज (जूना अखाड़ा, उज्जैन), महर्षि संजय शिवशंकर दवे (वैदिक जागृति पीठ), नेपाल सिंह जी डोडिया (हिंदू जागरण मंच), दिनेश जी गुप्ता (रतलाम विभाग धर्म जागरण प्रमुख), धनीराम जी पाल (सेवानिवृत्त एएसआई एवं धर्म जागरण प्रशासनिक संपर्क प्रमुख) के साथ ही राजबाग समिति के पदाधिकारी, प्रेस फोटोग्राफर चिन्टू मेहता, उमेश जी मकवाना, महावीर जैन, मुकेश कपूर, चेतन शर्मा, त्रिलोकसिंह राठौर, शैलेष राठौर, विजय आनंद, रामचंद्र मालवीय, अमित श्रीवास्तव, कमल गुर्जर, दीपक शर्मा, सुनील राठौर, धीरज भावसार सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
देर रात तक गुंजा गरबा और पांडाल में उल्लास:- इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, साहस, आत्मरक्षा की भावना और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान जागृत करना था। मुख्य आयोजन के पश्चात देर रात तक पंडाल में माता-बहनों ने उमंग और उत्साह के साथ गरबा नृत्य कर मां अम्बे की आराधना की।
