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75 लाख रुपए की पकड़ी टैक्स चोरी….प्रकाश टेडर्स से 55 लाख तथा राठी मशीनरी की निकली 20 लाख की रिकवरी, रुपए कोष में जमा

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। भले ही सरकार ने जीएसटी घटाकर आम नागरिकों को राहत दी है। लेकिन व्यवसायियों द्वारा की जा रही टैक्स चोरी के खिलाफ जीएसटी विभाग ने कार्रवाई तेज कर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
रतलाम में जीएसटी इंदौर की टीम द्वारा मशीनरी हब के रूप में विख्यात फ्रीगंज स्थित प्रकाश ट्रेडर्स तथा राठी मशीनरी संस्थानों पर छापामार कार्रवाई की। सुरक्षा इंतजामों के बीच दो दिन की सघन जांच के बाद बड़े स्तर पर टैक्स चोरी उजागर हुई। विभाग द्वारा दोनों संस्थानों से 75 लाख रुपए वसूली कर राजस्व राशि पशासकीय कोष में जमा करवाई।
दरअसल एंटीएविजन ब्यूरो-बी इंदौर डिप्टी कमिश्नर सोनाली जैन के नेतृत्व में टीम ने 23 सितंबर 2025 मंगलवार को जीएसटी की धारा 67 के तहत फ्रीगंज स्थित प्रकाश ट्रेडर्स व राठी मशीनरी पर छापा मारा। दोनों संस्थानों से स्टॉक वेरिफिकेशन कर मशीनों व पंप सहित अन्य मटेरियल के बिल जांचें गए। बिल व स्टॉक मिलान कटने के बाद सूची तैयार कर टैक्स चोरी की गणना की गई।
इंदौर टीम के सूत्रों के मुताबिक प्रकाश ट्रेडर्स से 55 लाख रुपए तथा राठी मशीनरी से तकरीबन 20 लाख रुपए की रिकवरी निकाली गई। 24 सितंबर 2025 को दोनों संस्थानों से यह राशि शासकीय कोष में जमा करवाई गई।

टैक्स चोरी की आड़ में कम खर्च में सामग्री का परिवहन:- दरअसल मशीनरी फर्मों द्वारा राजकोट, अहमदाबाद सहित अन्य बड़े शहरों से बसों द्वारा पंप, मोटर सहित कृषि व घरेलू उपकरण स्लीपर बस से मंगवाई जाती है। ट्रांसपोर्ट से यह सामग्री बुलवाने में अधिकृत रिकॉर्ड दर्ज होने के अलावा भाड़ा भी ज्यादा वहन करना पड़ता है। जबकि स्लीपर बसों से कम खर्च में आसानी से तमाम मटेरियल परिवहन किया जा सकता है। शहर में अधिकांश फर्मों द्वारा स्लीपर बसों से ही बगैर बिल का माल मंगवाकर जीएसटी चोरी की जा रही है। फिलहाल दो फर्म पर कार्रवाई की गई। अन्य फर्मों पर कभी भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।

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